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धौलपुर आरएसी छठी बटालियन स्थापना पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री

mahesh gupta

Publish: Sep 15, 2019 12:27 PM | Updated: Sep 15, 2019 12:27 PM

Dholpur

आरएसी छठी बटालियन के 100 वर्ष के इतिहास को लेकर डॉक्यूमेंट्री बनाना शुरू कर दिया है। अगस्त सन 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान धौलपुर रियासत में अंग्रेजों द्वारा कमाण्डिंग अफ़सर जेम्स पेट्रस के नेतृत्व में 143 नर्सिंग इंफेंटरी की स्थापना की गई। आरएसी केम्पस में क्वार्टर गार्ड का निर्माण कराया गया। अजादी के बाद पहली बार तिरंगा भी इसी क्वार्टर गार्ड पर फहराया गया।

संजोएंगे सौ साल का इतिहास
धौलपुर. आरएसी छठी बटालियन के 100 वर्ष के इतिहास को लेकर डॉक्यूमेंट्री बनाना शुरू कर दिया है। अगस्त सन 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान धौलपुर रियासत में अंग्रेजों द्वारा कमाण्डिंग अफ़सर जेम्स पेट्रस के नेतृत्व में 143 नर्सिंग इंफेंटरी की स्थापना की गई। आरएसी केम्पस में क्वार्टर गार्ड का निर्माण कराया गया। अजादी के बाद पहली बार तिरंगा भी इसी क्वार्टर गार्ड पर फहराया गया। 1952 में दस्यु उन्मूलन ओर आंतरिक सुरक्षा को लेकर आरएसी का गठन राजस्थान सरकार द्वारा किया गया। आरएसी केम्पस को अब नरसिंह बटालियन के बजाय आरएसी छठी बटालियन के नाम से नई पहचान मिली। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से आरएसी की एसटीएफ व कमांडो प्लाटून की ओर से कठिन परिस्थितियों में किए जाने वाले कार्य के बारे में बताया जाएगा, साथ ही आरएसी में तैनात महिला कार्मिकों की विभिन्न परिस्थितियों में भी अपने कार्य के प्रति सजग रहने के बारे में बताया जाएगा। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से डकैत उन्मूलन को लेकर चलाए गए अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि बटालियन की स्थापना के 100 साल पुरे होना जवानों के साथ में धौलपुर के लिए गौरव की बात है। जवानों के गौरवशाली और शौर्य की वीर गाथाओं से भरे इतिहास को संजोय रखना हमारी जिम्मेदारी है। जो आरएसी जवानों में गर्व की भावना को अधिक मज़बूत करेगा। डॉक्यूमेंट्री के सुपरविजन की जिम्मेदारी बटालियन चिकित्सक डा. परमेश पाठक को दी गई है। साथ ही पाठक ने 1918 से 2019 तक इतिहास के तमाम घटनाओं का संकलन किया है। डॉक्यूमेंट्री को शूट करने वाले चिंटू पाठक का कहना है कि आरएसी के जवानों की शौर्य और वीरता के 100 सालों को पर्दे पर उसी भावना से उतारा जाए जिस भावना से जवान मातृभूमि की सेवा करते हैं।