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चम्बल नदी उफान पर, पुराना पुल छूने को बेताब, हाइअलर्ट जारी, गांवों में दौड़े अधिकारी

kamlesh sharma

Publish: Sep 14, 2019 19:32 PM | Updated: Sep 14, 2019 19:32 PM

Dholpur

एक माह बाद फिर से चम्बल नदी अपने शबाब पर है। चम्बल के सबसे बड़े बांध गांधी सागर के सभी गेट खोलने के कारण कोटा बैराज से की जा रही करीब 6.25 लाख क्यूसेक पानी की निकासी के चलते चम्बल में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

धौलपुर। एक माह बाद फिर से चम्बल नदी अपने शबाब पर है। चम्बल के सबसे बड़े बांध गांधी सागर के सभी गेट खोलने के कारण कोटा बैराज से की जा रही करीब 6.25 लाख क्यूसेक पानी की निकासी के चलते चम्बल में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

तेज बहाव के चलते जलस्तर पुराना चम्बल पुल छूने को बेताब दिखाई दे रहा है। वर्तमान में चम्बल नदी का गेज खतरे के निशान 129.70 से करीब 9 मीटर ऊपर 138.40 मीटर पर हो गया है। रविवार तक यह जलस्तर पुराने पुल के ऊपर से भी निकल सकता है। चम्बल में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने चम्बल के तटवर्ती इलाकों के गांवों में हाइअलर्ट जारी कर रखा है। लोगों को चम्बल किनारे से दूर रखने के लिए ताकीद किया जा रहा है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गांवों में दौड़ लगा दी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश मीणा ने बताया कि कोटा बैराज से शनिवार दोपहर में पानी निकासी 6.25 लाख क्यूसेक कर दी है, जिससे रविवार तक चम्बल नदी का जलस्तर पुराने चम्बल पुल के ऊपर से निकल सकता है। इसके मद्देनजर गांवों में दौरा किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पुराना चम्बल पुल 141.80 की ऊंचाई पर है। अगस्त माह में चम्बल का जलस्तर 140.50 पर पहुंच गया था, जो पुल के निचले हिस्से को छूकर निकला था। वहीं इससे पूर्व वर्ष 1996 में इतना जलस्तर बढ़ा था। इधर, कोतवाली थाना प्रभारी रमेश तंवर ने बताया कि दोपहर बाद पुल के दोनों ओर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी पुल का अवलोकन किया।

गांवों में घुस सकता है पानी
धौलपुर के अलावा राजाखेड़ा, बाड़ी, सरमथुरा क्षेत्र में चम्बल नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बसे गांवों में झिरी, सेवर-पाली सहित एक दर्जन गांवों में फिर से पानी घुस सकता है। इसके चलते ग्रामीणों को दूर रहने के लिए सावचेत किया जा रहा है। वहीं गांवों का सम्पर्क भी टूट सकता है।