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करुण क्रंदन में बदली बधाई गीतों की ध्वनि

Mahesh Gupta

Publish: Nov 19, 2019 14:18 PM | Updated: Nov 19, 2019 14:18 PM

Dholpur

क्षेत्र के गांव मरेना के जिस घर में रविवार शाम तक बधाई गीतों की ध्वनि गूंज रही थी वह रात होते-होते करुण क्रंदन में बदल गई तथा बारात का इंतजार कर रहे परिवार के लोग एक साथ तीन शव देख कर बहदवास हो गए। गांव की जिस युवती की बारात आनी थी उसके चाचा के इकलौते पुत्र विशाल की मौत हो चुकी थी जो अपनी चार बहनों में अकेला था।

लग्न वाले दिन ही पहुंचे परिवार के 3 जनों के शव
राजाखेड़ा. क्षेत्र के गांव मरेना के जिस घर में रविवार शाम तक बधाई गीतों की ध्वनि गूंज रही थी वह रात होते-होते करुण क्रंदन में बदल गई तथा बारात का इंतजार कर रहे परिवार के लोग एक साथ तीन शव देख कर बहदवास हो गए। गांव की जिस युवती की बारात आनी थी उसके चाचा के इकलौते पुत्र विशाल की मौत हो चुकी थी जो अपनी चार बहनों में अकेला था। घटना की सूचना से हर किसी का गला भर आता था। मृतक विशाल के चाचा भरतसिंह ने दिहोली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि रविवार शाम को उसका भतीजा विशाल पुत्र चुरामन, रेनू पत्नी कश्मीर सिंह, अर्चना पत्नी पंकज, भारती पत्नी सोनू, दृष्टि पुत्री कश्मीर व यश पुत्र सोनू धौलपुर से मरेना टेम्पो से आ रहे थे तभी रास्ते मे सहजपुर मोड़ के पास अनियंत्रित हुए एक ट्रैक्टर ने टेम्पो को टक्कर मार दी। इससे सभी लोग घायल हो गए जिन्हें पुलिस ने धौलपुर चिकित्सालय पहुंचाया तथा इलाज के दौरान रेणु, विशाल व अर्चना की मौत हो गई ।
नहीं थम रहे आंसू
मरेना निवासी यशवंत सिंह बरेह मोरी विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक है जिनकी पुत्री की शादी बीलपुर निवासी डॉ. सुभाषचंद्र से होनी थी। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी थी और रिश्तेदार आने लगे थे। घर की बहन-बेटियां ही रविवार को टेम्पो से मरेना आ रहे थे जो दुर्घटना का शिकार हो गए। घटना के बाद सोमवार को गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था तथा जो युवती कल तक शादी की खुशी में चहक रही थी वह आज अपने परिजनों के साथ बेसुध थी। परिजन ठीक से बात तक नहीं कर पा रहे थे और आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। परिवार के पुरुष घायलों की देखभाल में धौलपुर व आगरा के अस्पतालों में थे वहीं घर मौजूद महिलाएं सिसकियां ले रही थीं।
चार बहनों के बीच अकेला भाई था
मृतक विशाल चार बहनों में अकेला भाई था। इसकी मौत की खबर मिलते ही घर में लोग एकत्र होने लगे तथा रविवार रात से ही पसरे सन्नाटे को चीत्कार ही
भेद रहा था। इस घटना से मचे रुदन से गांव में मौजूद हर आंख नम थी।

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