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करवा चौथ पर गजब संयोग: जिस जगह इस आईपीएस की पत्नी ने 26 साल पहले देखा, वहीं बेटी ने देखा ‘अपना चांद’

mahesh gupta

Publish: Oct 18, 2019 11:38 AM | Updated: Oct 18, 2019 11:38 AM

Dholpur

इसे गजब का संयोग ही कहा जाएगा कि जहां पर 26 साल पहले मां ने करवा चौथ का चांद देखा, उसी जगह पर बेटी ने भी चांद की रोशनी में अपने ‘चांद’ को निहारा। जी, हां। हम बात कर रहे हैं पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा की पत्नी कनिका सिंह की।

धौलपुर. इसे गजब का संयोग ही कहा जाएगा कि जहां पर 26 साल पहले मां ने करवा चौथ का चांद देखा, उसी जगह पर बेटी ने भी चांद की रोशनी में अपने ‘चांद’ को निहारा। जी, हां। हम बात कर रहे हैं पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा की पत्नी कनिका सिंह की। उनके पिता पीके सिंह पहली बार धौलपुर में ही वर्ष 1992 से 1993 के बीच एसपी रहे थे और यहीं पर उनकी मां ने करवा चौथ मनाया था। आज बेटी ने भी अपना पहला करवा चौथ उसी भवन में मनाया और उनके पति की भी पहली पोस्टिंग है। सबसे महत्वपूर्ण यह भी रहा कि पत्नी के साथ एसपी मृदुल कच्छावा ने भी उपवास रखा है। उनका मानना है कि पति-पत्नी एक सिक्के के दो पहलू हैं, जो समान चलने चाहिए। पेश हैं इस अवसर पर उनसे बातचीत के कुछ अंश।
पहला करवा चौथ है..कैसे गुजरा पूरा दिन
कनिका सिंह- पूजा की तैयारी और पति के इंतजार में। पुलिस की नौकरी होने के वजह से कहीं रोज की तरह देर नहीं हो जाए। वहीं छोटी ***** यामिनी ने भी उपवास रखने में सहयोग किया, उसने भी दिन भर खाना नहीं खाया। सुबह से बहुत मन में उल्लास भरा। कभी मां से तो कभी सास से पूजा की विधि पूछती रही।
मृदुल- रोज ऑफिस में करीब आठ बजे जाते हैं। आज ऑफिस जरूर गया, लेकिन टाइमिंग सेट कर घर जल्दी पहुंचने का विचार दिमाग में बना रहा। मैंने भी उपवास रखा है।
बचपन से ही पुलिस के माहौल में रहीं और शादी भी आईपीएस से, करवा चौथ के दिन को कैसे देखती है।
बचपन से ही पुलिस माहौल में रहीं तो आदत हो गई है। पहले पिता और अब पति के देर से आने पर ज्यादा चिंता नहीं होती, लेकिन जब फोन नहीं मिलता है तो मां भी चिंतित होती थी और मैं भी। पापा भी कई बार करवा चौथ पर व्यस्तता के चलते देरी से घर पहुंचे थे।
एक-दूसरे के व्यक्तित्व पर एक वाक्य
मृदुल- पुलिस की लाइफ व्यस्त होती है। इसमें कनिका मोरल और इमोशनल सपोर्ट देती हैं। जिससे लाइफ आसान हो जाती है।
कनिका सिंह- नौकरी और लाइफ मैनेजमेंट में माहिर। नौकरी को घर में हावी नहीं होने देते।
एक-दूसरे से क्या उपहार मांगा
मृदुल- खूब सारा प्यार और सपोर्ट
कनिकासिंह- सबसे महत्वपूर्ण चीज ‘समय’