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हिन्दू धर्म से जुड़ी ये खास बातें, हर किसी को जानना चाहिए

Devendra Kashyap

Publish: Nov 07, 2019 11:29 AM | Updated: Nov 07, 2019 11:29 AM

Dharma Karma

हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं, लेकिन ऐसा नहीं है!

अक्सर हम सुनते हैं कि हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं, लेकिन ऐसा नहीं है! हिन्दू धर्म में 33 कोटी देवी-देवता होते हैं। दरअसल, कोटि देवभाषा संस्कृत का शब्द है, इसका अर्थ होता है प्रकार और हिन्दू धर्म में कुल 33 प्रकार के देवी-देवता हैं!

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12 प्रकार हैं

आदित्य, धाता, मित, आर्यमा, शक्रा, वरुण, अंशभाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु


8 प्रकार हैं

वासु, धरध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।


11 प्रकार हैं

रुद्र, हरबहुरुप, त्रयंबक, अपराजिता, बृषाकापि, शंभू, कपार्दी, रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।


2 प्रकार हैं


अश्विनी और कुमार

इस तरह कुल 12+8+11+2 = 33 कोटी हुए।

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दो पक्ष: कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष


तीन ऋण: देव ऋण, पितृ ऋण, ऋषि ऋण


चार युग: सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग


चार धाम : द्वारिका, बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम धाम


चार पीठ :

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी )
शृंगेरी पीठ


चार वेद : ऋग्वेद, अथर्वेद, यजुर्वेद, सामवेद


चार आश्रम: ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास


चार अंतः करण: मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार


पंच गव्य: गाय का घी, दूध, दही, गो मूत्र, गोबर


पंच तत्त्व: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश


छह दर्शन: वैशेषिक, न्याय, सांख्य, योग, पूर्व मिसांसा, दक्षिण मिसांसा


सप्त ऋषि: विश्वामित्र, जमदाग्नि, भरद्वाज, गौतम, अत्री, वशिष्ठ और कश्यप

सप्त पुरी : अयोध्या पुरी, मथुरा पुरी, माया पुरी ( हरिद्वार ), काशी, कांची ( शिन कांची - विष्णु कांची ), अवंतिका और द्वारिकापुरी

आठ योग: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि


10 दिशाएं: पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ईशान, नैऋत्य, वायव्य, अग्नि, आकाश एवं पाताल


12 मास: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, अषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन


15 तिथियां: प्रतिपदा, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा, अमावास्या


समृतियां: मनु, विष्णु, अत्री, हारीत, याज्ञवल्क्य, उशना, अंगीरा, यम, आपस्तम्ब, सर्वत, कात्यायन, ब्रहस्पति, पराशर, व्यास, शांख्य, लिखित, दक्ष, शातातप, वशिष्ठ !

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