स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

एक बार ऐसे पढ़कर देखें श्री हनुमान चालीसा, हर दिन होंगे शुभ चमत्कार

Shyam Kishor

Publish: Oct 18, 2019 13:05 PM | Updated: Oct 18, 2019 13:05 PM

Dharma Karma

Hanuman Chalisa ke Chamatkar : एक बार ऐसे पढ़कर देखें श्री हनुमान चालीसा, हर दिन होंगे लाईफ में शुभ चमत्कार

Hanuman Chalisa ke Chamatkar : जो यह पढ़ें हनुमान चालीसा होय सिद्धि साखी गौरीसा, श्री हनुमान चालीसा की उपरोक्त पंक्ति में श्री गोस्वामी तुलसीदास जी लिखते हैं कि श्री हनुमान चालीसा का पाठ जो को कोई भी स्त्री-पुरूष करेगा उसकी सभी मनोकामना भगवान गौरी शंकर की कृपा से पूर्ण होकर रहेगी। विनय पत्रिका में तुलसीदास जी कहते हैं कि अगर हनुमान चालीसा पाठ के लाभ चमत्कार जीवन में हर दिन देखना चाहते हो तो हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले 108 बार राम नाम का जप कर लें। एवं पाठ के समय दीप जलाकर रखे। ऐसा करने से हनुमान चालीसा के पाठकर्ता को हर दिन शुभ चमत्कार दिखाई देने लगेंगे।

 

शनिवार की शाम पीपल के पत्ते को हाथ लगाकर बोल दे यह मंत्र, केवल 7 दिन पूरी हो जाएगी सारी मनोकामना

।। अथ श्री हनुमान चालीसा ।।

।। दोहा ।।
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥
बुद्धिहीन तनु जानिकै सुमिरौं पवनकुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥

 

।। चौपाई ।।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥
महावीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन॥
विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरी सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे। रामचन्द्र के काज सँवारे॥
लाय सँजीवनि लखन जियाए। श्रीरघुबीर हरषि उर लाए॥
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। असकहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥

 

धनतेरस : इनके अवतार हैं भगवान धन्वंतरि, जानें जन्म की कथा

जम कुबेर दिक्पाल जहाँ ते। कबी कोबिद कहि सकैं कहाँ ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राजपद दीन्हा॥
तुम्हरो मन्त्र बिभीषन माना। लंकेश्वर भए सब जग जाना॥
जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥

सब सुख लहै तुम्हारी शरना। तुम रक्षक काहू को डरना॥
आपन तेज सम्हारो आपै। तीनौं लोक हाँक ते काँपे॥
भूत पिशाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोई लावै। सोहि अमित जीवन फल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। असबर दीन्ह जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥
तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै॥
अंत काल रघुबर पुर जाई। जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥

 

Video : केवल 3 शुक्रवार सूर्यास्त के बाद जप लें इनमें से कोई भी एक मंत्र, आपको करोड़पति बनने से कोई नहीं रोक पाएगा

और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्व सुख करई॥
संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥
जो शत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥

।। दोहा ।।
पवनतनय संकट हरन मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप ॥

।। श्री हनुमान चालीसा समाप्त ।।

उपरोक्त विधि से हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमान जी प्रभु प्रसन्न होकर सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं।

********

एक बार ऐसे पढ़कर देखें श्री हनुमान चालीसा, हर दिन होंगे लाईफ में शुभ चमत्कार