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लाखों के बिलों को लेकर हुआ हंगामा, न्यायाधीशों ने संभाला मैदान, तो सुधरी व्यवस्थाएं

Amit S mandloi

Publish: Sep 15, 2019 11:16 AM | Updated: Sep 15, 2019 11:16 AM

Dhar

- बिजली माफी के बाद भी थमा दिए हजारों, लाखों रुपए के बिल, विद्युत वितरण कंपनी की अंधेरगर्दी से परेशान हजारों


धार.
शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया था। सबसे ज्यादा भीड़ मप्र विद्युत वितरण कंपनी के स्टाल पर थी। कंपनी ने आंखें मूंदकर नोटिस जारी करवा दिए। नोटिस पर कहीं से कहीं तक राशि नहीं लिखी थी। हालांकि जो बिल इन्हें मिले ये हजारों से लेकर लाखों रुपए में थे।
विद्युत वितरण कंपनी ने लोक अदालत में १५44 प्रकरण रखे थे। सभी लोगों को नोटिस भी भेजे थे। नोटिस पाकर लोग यहां पर दूर-दूर से आए। जब इन लोगों ने स्टाल पर पहुंचकर कंपनी के अधिकारियों को बताया कि बिल माफ होने के बाद भी लाखों रुपए का बिल दिया जा रहा है तो स्टाल पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि बिल तो भरना ही पड़ेगा। जिस पर ग्रामीणों ने नारेबाजी करना शुरू कर दी। आवाज सुनकर विधिक सहायता अधिकारी न्यायाधीश आरआर बडोदिया ने अलग-अलग स्टाल की सुविधाकराई। उन्होंने विधिक सहायता के कार्यालय में नालछा, तिरला, केसूर और बगड़ी के स्टाल लगाए।
हजारों की भीड़ पुलिस बल कम
विधिक सहायता कार्यालय के बाहर किसानों की भीड़ गुत्थमगुत्था हो रही थी। न्यायाधीश बडोदिया ने सभी को आश्वस्थ किया कि लोक अदालत का आयोजन ही समझौता कराना है। भीड ज्यादा होने से पुलिस संभाल नहीं पा रही थी। इसी बीच न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी राहुल वर्मा पहुंचे। उन्होंने माईक थामा और भीड़ को गांवों के हिसाब से लाईन लगाने की बात कही। वर्मा ने कहा कि सभी का निराकरण किया जाए, सभी लोग शांति रखे। न्यायाधिशों की समझाईश का असर ग्रामीणों पर रहा और ग्रामीण एक-एक करके कंपनी के दफ्तर पहुंचे और हल पाकर निकले और न्यायाधियों को धन्यवाद देकर गए।
ये है मामले
एक ही घर के तीन बिल
बिजली कंपनी ने अंधेरगर्दी करते हुए बिलों का वितरण किया है। कोटभिडोता में रहने वाले घर मालिक सलीम के नाम पर एक साथ एक ही महीने के तीन अलग-अलग बिल जारी कर दिए। इसकी कुल राशि ११९०८ है। सलीम इसे लेकर यहां पहुंचा था।
बीपीएल वाले को थमाया हजारों का बिल
मजदूर पंजीयन, बीपीएल कार्ड होने से बद्रीलाल औंकार का बिल तत्कालीन सरकार ने माफ कर दिया था। इसके बाद भी उन्हें कंपनी ने १२ हजार ५९२ रुपए का बिल थमा दिया।
बंद मशीनों का पंचनामा बनाया
नालछा के रहने वाले रामगोपाल राठौर ने बताया कि वे बसस्टैंड पर रहते है। हर महीने की रीडिंग लेने कर्मचारी आता है और वे बिल चुकाते है। बर्फ फैक्ट्री में बंद मशीनों का पंचनामा बना दिया। इसके बाद आठ लाख रुपए का बिल थमा दिया।