स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

दो स्टेट और दो नेशनल हाईवे, बेलगाम ओवरलोड गाडिय़ां

atul porwal

Publish: Oct 13, 2019 11:49 AM | Updated: Oct 13, 2019 11:49 AM

Dhar

कार्रवाई में छिड़ी आरटीओ और फ्लाइंग के बीच जंग, पुलिस की भी मेहरबानी

पत्रिका एक्सपोज
अतुल पोरवाल@धार.
ओवरलोड गाडिय़ों पर कार्रवाई के लिए आरटीओ के अलावा इंदौर डिविजन की फ्लाइंग टीम भी तैनात हैं, लेकिन दोनों ही आपसी लड़ाई में मशगुल हैं। यही कारण है कि ओवरलोड गाडिय़ों के कारण सडक़ हादसों में कमी नहीं आ रही है। आगरा-बॉम्बे नेशनल हाईवे से जिले के गणश घाट पर ही दो महीनों में 20 सडक़ हादसे हो गए, जिनमें 3 लोगों की जान ही चली गई, जबकि 25 लोग घायल होकर जिंदगी से लड़ाई लड़ रहे हैं। बावजूद इसके परिवहन विभाग के अफसर आपसी सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क नहीं है।
गौरतलब है कि धार जिला दो स्टेट और दो नेशनल हाईवे से घिरा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का लोड रहता है। इधर बेलगाम दौड़ रही ओवरलोड गाडिय़ों के कारण हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इंदौर-अहमदाबाद के अलावा आगरा-बॉम्बे नेशनल हाईवे पर दिनरात दौड़ते ट्राले और ट्रक ओवरलोड होने से हर एक दिन छोडक़र हादसों की खबरों से बाजार गर्म रहता है। वहीं नागदा-गुजरी तथा महू-नयागांव स्टेट हाईवे के भी यही हाल है। सूत्र बता रहे हैं कि राजनीतिक दबाव के अलावा परिवहन विभाग के फ्लाइंग दस्ते और आरटीओ की आपस में पटरी नहीं बैठ पाने से भी ओवरलोड गाडिय़ां बेलगाम है।

औद्योगिक क्षेत्र भी बेकाबू
इधर धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के अलावा मनावर से लगे उद्योगों में भी ओवरलोड गाडिय़ां दौड़ रही है। इनसे व दोनों स्टेट और नेशनल हाईवे से लगे जिले के करीब 12 थाने भी ओवरलोड गाडिय़ों पर कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन अपने थाना क्षेत्र के अपराधों में उलझी पुलिस परिवहन पर ध्यान नहीं दे पा रही है। इसके अलावा अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी व इंदौर संभाग की आरटीओ फ्लाइंग टीम भी कार्रवाई कर सकती हैं, लेकिन सांठगांठ या उपरी दबाव के चक्कर में ओवरलोडिंग पर लगाम नहीं लग पा रही है।

आगरा-बॉम्बे पर बड़े हादसे
एबी नेशनल हाईवे से लगे धार जिले के गणेश घाट पर महीने में 25 दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। घाट क्षेत्र में ओवरलोड होने के कारण ब्रेक फैल होने से अनियंत्रित होने वाले ट्राले और ट्रक ना केवल स्वयं का नुकसान कर रहे हैं बल्कि अपने आगे चलने वाली गाडिय़ों को भी डैमेज कर रहे हैं, जिससे पिछले एक ही साल में 6 दर्जन से ज्यादा लोग मौत के घाट उतर चुके हैं, वहीं सैकड़ों लोग घायल होकर जिंदगी से लड़ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने मुआयना किया, बड़े अफसर बुलाए गए और कई तरह के आदेश निर्देश भी हुए, लेकिन ओवरलोडिंग पर किसी का ध्यान नहीं गया। इधर आर्थिक तंगी के बावजूद आईवीआरसीएल से जैसे तैसे इंदौर-अहमदाबार नेशनल हाईवे पुरा करवाया गया, लेकिन घटिया निर्माण और के कारण इस पर भी हादसों का सिलसिला नहीं थम रहा है। मप्र से गुजरात जाने और आने वाले ओवरलोड ट्रक और ट्रालों के अलावा लंबी दूरी की यात्रियों के अलावा सामान से लदी बसों के कारण भी हादसे हो रहे हैं। लेकिन ना तो आरटीओ गंभीर हैं और ना ही परिवहन विभाग की फ्लाइंग टीम कार्रवाई के लिए मैदान में उतर रही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

कार्रवाई जारी है
हम अपने स्तर पर कार्रवाई करते रहते हैं। स्टाफ की कमी और जिले का बड़ा क्षेत्र होने से हो सकता है कहीं चुक रह जाती हो, लेकिन विभाग की फ्लाइंग टीम भी सतत है। हम पर किसी का दबाव नहीं है। आपने बताया वहां भी जाएंगे और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-विक्रमजीत सिंह, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी धार

इस संबंध में फ्लाइंग दस्ता प्रभारी जगदीश मिणा से बात करने के लिए कई मर्तबा फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन ही रीसिव नहीं किया।