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कभी ऑटो चलाया कभी मजदूरी की अब डॉक्टर बनकर कर रहे सेवा

atul porwal

Publish: Aug 18, 2019 12:18 PM | Updated: Aug 18, 2019 12:18 PM

Dhar

जिला अस्पताल में सेवा देते हुए उत्कृष्ट कार्य करने पर डॉ. भूर्रा को मिला प्रशस्ती पत्र

धार.
शहर का वह ईलाका जो मजदूरों के नाम से जाना जाता है, अब डॉक्टर की सेवाओं के लिए अलग पहचान साबित कर रहा है। जी हां, ब्रह्माकुंडी क्षेत्र से ऑटो चलाकर, मजदूरी कर रकम इकट्ठा की और मेहनत करने पर डॉक्टर बने। अब जिला अस्पताल में मरीजों की सेवा करते हुए अपना ही नहीं अस्पताल का नाम भी आगे बढ़ा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जिला अस्पताल के निष्चेतना विशेषज्ञ डॉ. गिरीराज भूर्रा की, जिन्होंने गरीब परिवार से होते हुए ऑटो चलाकर, मजदूरी करते हुए इतनी रकम इकट्ठा की कि अब वे जिला अस्पताल में निष्चेतना विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें अच्छे कार्य के लिए सम्मानित किया गया। हालांकि प्रतिवर्षानुसार उनके साथ जिला अस्पताल के 12 लोग सम्मानित हुए, लेकिन सम्मान पा कर डॉ. भूर्रा स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। डॉ. भूर्रा और मेटरनिटी व ओटी स्टाफ को अच्छे कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

इनका भी हुआ स्वागत
जिला अस्पताल में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. एसके सरल, सिविल सर्जन डॉ. एमके बौरासी व आरएमओ डॉ. संजय जोशी ने डॉ. भूर्रा के अलावा डॉ. एनडी सर्राफ का भी सम्मान किया। डॉ. सर्राफ प्रतिदिन 40 से 50 गर्भवती महिलाओं की यूएसजी(सोनोग्राफी) करते हैं, जबकि टारगेट केवल 3 का ही है। इसके अलावा ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए डॉ. अनिल वर्मा व ब्लड बैंक स्टाफ, दस्तक अभियान में अच्छा काम करने पर डॉ. रितेश पाटीदार व चिल्ड्रन वार्ड का स्टफ, बरसों बंद पड़ी आई ओटी चालु करवाने में सहयोग करने पर नेत्र सहायक शैलेंद्र तिवारी व स्टाफ, डाटा मेनेजर स्वप्नील रहाकर, लैब टेक्निशियन अवन नेनावत, आईसीसीयू इंचार्ज स्टाफ नर्स मनीषा हिलाल को भी सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि मनीषा ने कैंसर से जूझते हुए भी मरीजों की अच्छी तरह सेवा की, जिससे उन्हें सम्मानित किया गया।