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नौ महीने की गर्भवती बहू मर गई तो अस्पताल में छोड़ भागे ससुरालवाले, परिजन बोले- तीन घंटे पीटकर लटका दिया

Hussain Ali

Publish: Nov 08, 2019 18:31 PM | Updated: Nov 08, 2019 18:32 PM

Dhar

  • मायके वालों ने अस्पताल में किया हंगामा, आरोपितों को पकडऩे की मांग
  • रुंधे गले से पिता बोले- जमाई की 26 लाख की कार के लिए बेच दी थी जमीन
  • घर-दुकान पर पर ताले लगाकर भागे ससुराल वाले

धार. शहर में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में गुरुवार रात 10.50 बजे एक गर्भवती को लेकर आए ससुराल वालों को जब डॉक्टर ने उसकी मौत की खबर दी तो वो शव छोडक़र रफूचक्कर हो गए। जिला अस्पताल ले जाने से पहले ससुराल वालों ने तीन निजी अस्पतालों के चक्कर लगाए थे, लेकिन कहीं उनकी दाल नहीं गली। मायके वालों का आरोप है कि दहेज के चक्कर में उनकी बेटी की हत्या हुई है। उसे तीन घंटे तक पीटकर फंदे पर लटकाया है। उसके गले पर चोट के निशान भी है। उसे नौ महीने का गर्भ था। ससुराल वाले घर-दुकान पर ताले लगाकर भाग निकले।

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मृतका दीपिका (23) के पिता बद्रीलाल बागड़ी ने रोते हुए बताया कि यह उनकी बेटी की दूसरी डिलीवरी थी। उसकी एक दो साल की बच्ची है। उसकी शादी 2016 में मांडव थाना क्षेत्र के गांव पनाला के महेश पिता लक्ष्मण गुर्जर के बेटे जयेश से की थी। पिता का आरोप है कि शादी के समय बेटी के ससुराल वालों ने जो कुछ भी बताया था समय के साथ सब कुछ झूठा नजर आया। दो-तीन महीने बाद ही ससुराल वाले उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताडि़त करने लगे।

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कार के लिए दामाद ने मांगे 26 लाख तो जमीन बेच दी

पिता का कहना है कि शादी में मुंहमांगा दहेज देने के बावजूद उनकी डिमांड खत्म नहीं हुई और वे लगातार किसी ना किसी चीज की डिमांड करते रहे। साल भर पहले दामाद ने नई कार खरीदने के लिए २६ लाख रुपए की डिमांड की तो मजबूरन दो बीघा जमीन बेचना पड़ी। इससे आए 10 लाख रुपए दे दिए थे, लेकिन बाकी 16 लाख रुपए के लिए वे फिर उनकी बेटी के साथ मारपीट करते रहे। आखिरकार मेरी बेटी की हत्या कर ही दी।

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रात 2.30 बजे बताया कि आपकी बेटी गंभीर है

गुरुवार रात 2.30 बजे ससुराल वालों ने मायके में फोन कर सूचना दी कि उसकी हालत गंभीर है। वे लोग तुरंत धार जिला अस्पताल पहुंच जाएं। इसके बाद रात तीन बजे फिर फोन आया, जिसमें बताया कि दीपिका की मृत्यु हो गई। शुक्रवार तडक़े ४ बजे अस्पताल पहुंचे मृतका के पिता व परिजन को एक भी ससुराल वाला नहीं मिला, जबकि शव लावारिस हालत में पड़ा हुआ था।

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मायके वालों ने अस्पताल में किया हंगामा

अस्पताल में गर्भवती का शव ले जाने से पहले मृतका के परिजन आरोपियों को पकडऩे की मांग कर हंगामा करने लगे। इधर मांडव थाने से पहुंची पुलिस ने नालछा के नायब तहसीलदार जितेंद्र तोमर के साथ पंचनामा बनाया। मांडव थाना प्रभारी नीरज सोलंकी के अनुसार पनाला में ससुराल वालों के दोनों मकान व दुकान पर ताले लगे मिले, जिन्हें सील कर दिया है। हालांकि जब तक पीएम रिपोर्ट नहीं आ जाती, हत्या की पुष्टि नहीं हो सकती, लेकिन गले में निशान व मृतका के पीहर वालों के आरोप के हिसाब से ससुराल वालों से पूछताछ जरूरी है। इधर मृतक की बहन ने रूंधे गले से बताया कि वे तीन बहनें और एक भाई है, जिसमें से एक चली गई।

नानीया सास पर भी आरोप

मृतका दीपिका की बहन ने बताया कि हर चीज की डिमांड जयेश (जीजा) की नानी शांतिबाई व मामा अशोक पिता रामलाल निवासी झाबुआ के यहां से होती थी। उनके कहने पर ही दीदी के ससुराल वाले दीदी के साथ मारपीट कर करते थे। परिजन का यह भी कहना है कि गुरुवार को करीब तीन घंटे तक मारपीट के बाद दीपिका को रस्सी से फंदा बनाकर लटका दिया था। इसके बाद उसके ससुराल वालों के परिजन ही उसे धार के अस्पताल लाए, जबकि साथ में ना तो सास, ससुर आए और ना ही जयेश।

भर्ती नहीं किया था

रात में 10.50 बजे मरीज को लेकर 5-6 लोग आए थे। हमने कागज बनवाने के लिए भेजा और मरीज की जांच की तो वह मृत मिली। बताते ही वे लोग यह कहकर उसे वहीं छोडक़र चले गए कि वे पीहर वालों को फोन कर वापस आ रहे हैं। मृतका के गले में रस्सी के निशान थे।
-डॉ. अनिता बघेल, महिला रोश विशेषज्ञ