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डूब के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचा नर्मदा बचाओ आंदोलन डूब गांव से लोगों को निकालने का काम हुआ तेज

Amit S mandloi

Publish: Sep 16, 2019 11:49 AM | Updated: Sep 16, 2019 11:49 AM

Dhar

138. 80 मीटरहुआ नर्मदा का बैक वाटर

 

निसरपुर. विशाल गुप्ता
सरदार सरोवर बांध को भरने से रोकने के लिए डूब प्रभावितों के तमाम आंदोलन प्रदर्शन मध्यप्रदेश सरकार का विरोध भी काम नहीं आया । सरदार सरोवर बांध अपने पूर्ण जलभराव के करीब पहुंच गया। वहीं बांध के बैक वाटर से निसरपुर में भी पूर्ण रूप का लेवल 138 मीटर पर बैक वाटर और डूब प्रभावितों के बचे पुनर्वास को लेकर मध्य प्रदेश नर्मदा बचाओ आंदोलन के अधिवक्ता संजय पारीक ने एक याचिका दायर की की जिस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की बैंच सुनवाई करेगी।

नर्मदा बचाओ आंदोलन नेत्री मेधा पाटकर ने बताया कि नर्मदा कंट्रोल अथॉरिटी ने केंद्र और गुजरात सरकार के दबाव में समय से पूर्व ही बांध भर दिया है जबकि एनसीए ने ही बांध भरने का शेड्यूल जारी किया था । जिसमें 25 अक्टूबर तक बांध को 138 मीटर भरना था । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन मनाने के लिए 17 अक्टूबर से पहले बांध को भरा गया । इसके विरोध में नर्मदा बचाओ आंदोलन ने हजारों डूब प्रभावितों की ओर से चार डूब प्रभावितों के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्वास कार्य पूरा होने तक बांध को 122 मीटर तक खाली करने की गुहार लगाई है ।

बांध के कारण फैल रहे बैकवॉटर में गांव में बिना पुनर्वास के डूब गई है डूब गांव की सुध लेने नहीं आए अधिकारी शनिवार को मेधा पाटकर डूब ग्राम निसरपुर पहुंची यहां ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चारों और पानी आ चुका है। पूरा गांव डूब में है और करीब कई घरों में पानी प्रवेश कर चुका है । यहां कई मकानों को डूब से बाहर कर दिया है गांव की कई एकड़ खेती जमीन टापू बन चुकी है जिस में जाने के लिए रास्ता है ही नहीं फसलें खराब हो रही है । प्रशासन का कोई अधिकारी अब तक सुध लेने नहीं आया।