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काफी कुछ तो बारिश से खराब हो गई अब जलभराव से खराब

atul porwal

Publish: Oct 12, 2019 11:28 AM | Updated: Oct 12, 2019 11:28 AM

Dhar

फसलें खराब होने से चिंतित किसान

दूधी.
इतनी ज्यादा बारिश हुई की जगह-जगह जलभाराव हो गया है। अब तक की बरसात ने काफी कुछ बर्बाद कर दिया, लेकिन बचीकुची फसलें भी जलभराव से खराब होने की स्थिति बन गई है। समीपस्थ ग्राम पंचायत बलवारी में इस वर्ष हो रही अति बारिश ने किसानों की नींद उड़ा रखी है।
हर खेत में जलभराव होने से किसानों की फसल खराब होने की चिंता सता रही है। खेतों में जलभराव होने से फसलें जलने के कारण खराब होने लगी है। चिंतित किसान प्रशासनिक स्तर पर सर्वे की राह देख रहे हैं। किसान कन्हैयालाल बुंदेला व अन्य किसानों ने बताया कि बारिश होने के समय पर सेठ साहूकारों से उधारी में बीज व खाद लाकर तो फसल को तैयार किया था, लेकिन उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। उनका कहना है कि जिस उम्मीद पर सेठ साहूकारों से उधार लिया था, फसल खराब होने पर उनकी उधारी कैसे चुकाएंगे। अतिवृष्टि के चलते किसानों की मक्का, कपास, सोयाबीन, मूंग आदि फसलें धीरे-धीरे पूरी तरह खराब होती जा रही है। जहां एक ओर कपास के पौधे सूख गए हैं एवं फल फूल नष्ट हो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर मक्का को बड़े पैमाने पर ईल्लियों के प्रकोप ने नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के किसानों ने राज्य शासन एवं अधिकारियों से फसलों के नुकसान का तुरंत सर्वे का मुआवजा घोषित करने की मांग की है। पहले तो तेज बारिश, इल्लियों के प्रकोप से फसलें नष्ट हो रही थी, लेकिन कुछ फसल पकने के बाद भी पानी ज्यादा गिरने से सडऩे लगी है। किसान कन्हैयालाल बुंदेला, मेवालाल बुंदेला, कमल पाटीदार, श्रीराम पाटीदार, कमलेश पाटीदार, सुरेश गिरवाल, गंगाराम कटारे, रमेश निगवाल, नानुराम नामदेव आदि किसानों ने मांग की है।