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गणपति घाट पर फिर हादसा, ब्रैक फैल ट्राला डिवाईडर कुद दूसरी तरफ जाकर 30 फिट निचे खाई में गिरा

sarvagya purohit

Publish: Aug 24, 2019 11:14 AM | Updated: Aug 24, 2019 11:14 AM

Dhar


गणपति घाट पर फिर हादसा, ब्रैक फैल ट्राला डिवाईडर कुद दूसरी तरफ जाकर 30 फिट निचे खाई में गिरा


- दो घंटे की मशक्कत के बाद फंसे हुए क्लिनर को जिंदा निकाला
- ड्रायवर की दबने से मौत
गणेश घाट/धामनोद.
राऊ-खलघाट फोलरेन के गणपती घाट पर हादसें का सिलसिला जारी है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। धार कलेक्टर श्रीकांत बनोठ के निर्देश के दो माह बितने के बाद भी घाट पर अस्थाई सुधार कार्य अभी तक नहीं किया गया। हादसें को रोकेने के लिए झेड डिवाईडर लगाए थे पर वह पूर्ण रूप से काम नहीं दे पाए। हालांकि जेड डिवाइडर लगाने से कुछ हद तक दुर्घटनाओं में कमी हुई, लेकिन बीती रात फिर घटना हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 4.30 बजे गणपति घाट पर फिर एक हादसा हो गया। एक ट्राला अनियंत्रित होकर डिवाइडर कूदकर दूसरी लेन पर जाकर 30 फीट नीचे खाई में जा गिरा। हादसे में 2 घंटे तक ड्राइवर व क्लीनर वाहन में ही फंसे रहे। इसके कारण क्लीनर को तो जिंदा निकाला गया पर ड्राइवर की दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी अनुसार सीमेंट से भरा ट्राला क्रमांक आरजे 19 जीई 3235 इंदौर की तरफ से आकर गणपति घाट उतर रहा था। तभी ट्राले में भारी वजन होने से लाइनर चिपकने के कारण ब्रेक अचानक फेल हो गए। बाद ट्राला अनियंत्रित होकर डिवाइडर कूदकर दूसरी लेन पर जाकर 30 फीट नीचे खाई में जा गिरा। ट्राला खाई में गिरने से पीछे भरी सीमेंट पूरी आगे आ गई जिसके कारण केबिन पूरा सीमेंट से ढका गया। केबिन में ड्राइवर और क्लीनर दोनों ही दब गए। एंबुलेंस चालक राजकुमार व क्रेन के ड्राइवर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस व ग्रामीणों ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद केबीन में दबे ड्राइवर व क्लीनर को बाहर निकाला। घायल संतोष को एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। वहीं मृतक राजेंद्र निवासी अजमेर को पीएम के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया।
त्रिपाल काट क्रेन कि मदद से दोनों को निकाला बाहर
हादसे में ड्राइवर व क्लीनर दोनों ही केबिन में फंस गए। ट्राले में भारी वजन होने के कारण सीमेंट बोरिया आगे आ गई जो पूरे केबिन पर फैल गई। ड्राइवर व क्लीनर सीमेंट में ही भी दबे गए। 2 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। पुलिस व आसपास के ग्रामीण को बुलाया गया। ग्रामीणों ने पहले 1 घंटे तक पूरी सीमेंट वहां से हटाई जिसके बाद कटर से त्रिपाल को काटा गया। केबिन को क्रेन की मदद से ऊपर लिया गया। इसके बाद पहले क्लीनर की आवाज सुन उसे बाहर निकाला गया। फिर ड्राइवर का शव बाहर निकाला गया। दोनों को धामनोद अस्पताल भेजा गया। गणपति घाट पर दुर्घटना का एक ही कारण है। घाट की ढलान इतनी ज्यादा है कि उतरते समय वाहनों की गति तेज हो जाती है। इससे माल से भरे वाहन अनियंत्रित होकर या ब्रेक फेल होने से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। वाहन या तो आगे चल रहे हैं वाहन में घुस जाते हैं या फिर डिवाइडर कूदकर दूसरी लेन में चले जाते हैं या फिर खाई में गिर जाते हैं।