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मनुष्य आज ईश्वर भक्ति से होता जा रहा है विमुख

Shyam Kumar Awasthi

Publish: Nov 28, 2019 00:18 AM | Updated: Nov 28, 2019 00:18 AM

Dhar

श्रीराम पंचकुंडात्मक तारक मंत्र महायज्ञ का शोभायात्रा के साथ शुभारंभ, महामंडलेश्वर नरसिंहदास महाराज को संतों ने दी पीठाधिश्वर की उपाधि

धार. बैंड पर रामधुन, शोभायात्रा में जय श्रीराम के नारे लगाते श्रद्धालु, छोटी-छोटी बालिकाएं सिर पर कलश लेकर उत्साह में चलती हुई। यात्रा में आगे-आगे चलते देश से आए महंत व संत। यह सबकुछ मांडू में हुआ। बुधवार को श्रीराम चतुर्भुज राम मंदिर प्रांगण में श्रीराम पंचकुंडात्मक तारक मंत्र महायज्ञ का शोभायात्रा के साथ आरंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संतों एवं भक्तों ने हिस्सा लिया। इसमें मुख्य रूप से जगतगुरु हरिद्वार आचार्य अनंत विभूषित श्रीश्री राम रिचपालदास महाराज के साथ ही राजस्थान से महामंडलेश्वर रामदास, महाबलेश्वर रामप्रियदास, पुरुषोत्तमदास, ओंकारदास, महंत जयरामदास, सूरदास, महंत बालकदास, बनारस सहित अवधेशदास, राघवदास एवं एवं इंदौर मंडल महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा, राधेबाबा, लक्ष्मणदास सहित समस्त इंदौर के संत रेवा मंडल की महामंडलेश्वर रामकृपालदास सहित समस्त नर्मदा क्षेत्र के संत एवं भारतवर्ष की समस्त तीर्थों से पधारे संत, महंत व महामंडलश्वर भक्तों को आशीर्वाद देते नगर भ्रमण में चले। उनके साथ कन्याएं कलश लेकर तथा नृत्य गायन करते चल रही थीं। अखाड़े अपने करतब दिखाते हुए शोभा यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।
पीठाधीश्वर की मिली उपाधि

कार्यक्रम में पधारे समस्त संत, महात्मा और महंत ने महंत महामंडलेश्वर को नृसिंहदास महाराज पीठाधीश्वर की उपाधि दी गई। इस दौरान लोगों ने ताली बजाकर उनकी उपाधि मिलने का स्वागत किया। इसके पूर्व महामंडलेश्वर नृसिंहदास महाराज और त्रिलाकदास महाराज ने देशभर से आए संतों व महंतों का शॉलश्री फल से स्वागत किया। इसके बाद मानस सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। यहां साध्वी राधा शर्मा और आलोक मिश्रा ने प्रवचन दिए। पंचकुंडात्मक यज्ञ की शुरुआत सुबह ८ बजे वैदिक मंत्रों के साथ की गई। इसमें 18 जोड़ों ने यज्ञ कुंड में आहुतियां डालीं। कार्यक्रम में सुबह से मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए लाई गई मूर्तियों का विधि-विधान से अभिषेक किया गया।
झलकियां

- शोभयाात्रा में पूरे देश से 3 हजार से संत कार्यक्रम में शामिल हुए। आए संत की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी।
- मांडू के चतुर्भुज राम मंदिर में अखिल भारतीय मानस सम्मेलन महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ देश के जगद्गुरु पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर संत महात्मा की गरिमामय उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया।

- चल समारोह और शोभायात्रा पूरे नगर में निकली और उसका जगह-जगह स्वागत किया गया।
- सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक धार्मिक अनुष्ठान और भजन कीर्तन और पूजा अर्चना होंगे।

- सुबह 7 बजे से 8 बजे तक दूध, दही, शहद से भगवान राम का अभिषेक किया गया।
- 9 बजे से 10 बजे तक देशभर से आए संत व महात्मा की अगवानी और उनका स्वागत सत्कार किया गया।

ग- शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, बैंड बाजे, डीजे, रथ बग्घी के साथ सैकड़ों वाहनों के काफिले पर संत महात्मा सवार थे।
- नगर में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और वहां से संतों व शोभायात्रा का स्वागत किया गया।

- मांडू के चतुर्भुज श्रीराम मंदिर में परम पूज्य ब्रह्मलीन साकेतवासी महंत राम नारायणदास की पावन 241 स्मृति में पांच दिवसीय अखिल भारतीय मानस सम्मेलन का आगाज हुआ।
- कार्यक्रम में संतों ने कहा कि संस्कार सीखना है तो रामचरितमानस से सीखो। मर्यादा पुरुषोत्तम राम संस्कारवान, आदर्श, मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाए। अच्छे संस्कारों से आज ईश्वर भक्ति से मनुष्य विमुख होता जा रहा है। उसकी दिनचर्या विपरीत हो गई है। जब उसे कोई परेशानी होती है तो वह ईश्वर को ढूंढ़ता है और ईश्वर को याद करता है।

- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक यह अखिल भारतीय मानस सम्मेलन में मानस मर्मज्ञ ने से प्रवचन दिए
- शाम 5 बजे से 6 बजे तक यज्ञ पूर्णाहुति हुई और करीब २५ हजार आहुतियां पहले दिन यजमानों द्वारा यज्ञकुंड में डाली गई।

- आए हुए संत महात्माओं का स्वागत महामंडलेश्वर नरसिंहदास महाराज और महंत त्रिलोकी दास पुष्पों से सभी आए हुए संत महात्माओं का स्वागत किया।

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