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मैं एसी बोल रहा हूं,मेरे चाचा के शस्त्र की फाईल पड़ी है दिखवा लेना

sarvagya purohit

Publish: Oct 12, 2019 11:02 AM | Updated: Oct 12, 2019 11:02 AM

Dhar

मैं एसी बोल रहा हूं,मेरे चाचा के शस्त्र की फाईल पड़ी है दिखवा लेना


अधिकारी बनकर कर्मचारियों से करवाता था काम
- पुलिस ने फेक कॉल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने वाले एक इंजीनियरिंग छात्र को पकड़ा
धार.
फेक कॉल एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर अधिकारियों व नेताओं के नाम से फोन कर काम करवाने वाले एक इंजीनियरिंग के छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पिछले 1 साल में फेक कॉल एप्प का इस्तेमाल कर आरोपी ने कई से बड़े अधिकारियों कर्मचारियों को लगाए और काम करवा लिए।
शुक्रवार को एसपी आदित्यप्रताप सिंह ने एसपी कार्यालय में एक प्रेसवार्ता ली और इस मामले का खुलासा किया। एसपी आदित्यसिंह और एडिशनल एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि सागौर थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा के मोबाइल फोन पर पुलिस अधीक्षक धार के शासकीय मोबाइल नंबर से एक काल आया है। जिस पर कालर पक्ष द्वारा थाना प्रभारी को आदेशित किया गया कि राजपालसिंह है सागौर के इनका जो भी काम हो फोन पर ही हो जाना चाहिए। इस पर थाना प्रभारी को संदेह हुआ कि कालर पक्ष की आवेज व पुलिस अधीक्षक की आवाज में काफी भिन्नता है, जिसके बाद अगले ही दिन १ अक्टूबर को राजपालसिंह द्वारा अपने प्रायवेट मोबाइल नंबर से थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा से संपर्क किया गया था अपना देते हुए बताया कि मेरे चाचा दिलीपसिंह पंवार की १२ बोर बंदूक खराब हो जाने से आपके थाने पर शस्त्र क्रय-विक्रय के लिए फाइल आई है जो दिखवा लेना। थाना प्रभारी द्वारा थाने पर तस्दीक करते हुए उक्त फाइल २ अक्टूबर को दिलीपसिंह निवासी ग्राम पिपलिया का आवेदन थाने पर जांच के लिए आमद हुआ। संदेह गहराने से थाना प्रभारी द्वारा आवेदन अपने कब्जले में लिया और पैडिंग रखा गया। उक्त राजपालसिंह नामक व्यक्ति पुन पुलिस अधीक्षक के शासकीय नंबर से थाना प्रभारी के मोबाइल पर फोन आया तथा कालर पक्ष द्वारा थाना प्रभारी से कहा गया कि राजपालसिंह का क्या काम चल रहा इनका जो भी काम है कर दो जिसके बाद थाना प्रभारी ने काल को रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद काल को बार-बार सुना जाने पर राजपाल की आवाज व पुलिस अधीक्षक के नंबर से बात कर रहे कालर की आवाज समान होने का संदेह हुआ तथा फेक कालिंग एप्लीकेशन के माध्यम से काल किए जाने का संदेह हुआ। संपूर्ण घटनाक्रम की गोपनीय रूप से तस्दीक की गई तथा सायबर शाखा क्राइम ब्रांच जिला धार के माध्यम से मोबाइल नंबरों की सीडीआर व सिम धारक की जानकारी प्राप्त की गई। इस पर मोबाइल नंबर से राजपालसिंह द्वारा काल किया गया वह मोबाइल नंबर राजपालसिंह पिता हेमेंद्रसिंह पंवार उम्र २२ साल निवासी ग्राम पिपलिया थाना सागौर के नाम पर दर्ज मिला।
घर से पकड़ा आरोपी को
एसपी सिंह और एडिशनल एसपी पाटीदार ने बताया कि राजपालसिंह पंवार विासी ग्राम पिपलिया द्वारा फेक कालिंग एप्लीकेशन का दुरूपयोग कर शासकीय सेवक का प्रतिरूपण कर छलपूर्वक थाना प्रभारी को अपदेशित किया था। थाना प्रभारी सेक्टर पीथमपुर चंद्रभानसिंह चडार द्वारा थाना प्रभारी सागौर व उनकी टीम के साथ मिलकर आरोपी राजपालसिंह को उसके निवास के पास से हिरासत में लिया जाकर पूछताछ की गई थात आरोपी के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच की गई। जांच में मोबाइल फोन में फेक काल एप्प इंस्टाल होना पाया गया। पूछताछ में आरोपी एक कंट्रक्शन फर्म हेमेंद्रसिंह पटेल कंट्रक्शन है। हम टैंडर के माध्यम से शासकीय कांट्रेक्ट लेते है। कई बार शासकीय कार्यालयों में फाइल पास कराने में दिक्कत आती थी। ऐसे में बड़े अधिकारी के नाम से कर्मचारियों को फोन लगाते थे और उससे फाइलें जल्द हो जाती थी।
विधायक मेंदोला के नाम से भी कई बार फोन किए
एसपी आदित्यप्रताप सिंह ने बताया कि नगर पालिका पीथमपुर के सीएमओ के मोबाइल फोन पर इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 के विधायक रमेश मेंदोला के मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर राजपाल पंवार ने फोन किया था। ग्राम राधानगर स्थित एमपीईबी ग्रिड पर इंजीनियर जैन को भी विधायक मेंदोला के नाम से काल किया। इसके अलावा पटवारी, आरआई के कर्मचारियों को भी राजपाल ने संबंधित विभाग के अधिकारी बनकर फाइलें का काम पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। एसपी सिंह ने बताया कि राजपाल ने बंदूक के लायसेंस के लिए धार कलेक्टर को भी विधायक रमेश मेंदोल के नंबर का दुरूपयोग करके फोन किया गया। आरोपी राजपाल विगत एक साल से इस एप्प के जरिए अधिकारी बनकर अपना काम निकाल रहा था। राजपाल थर्ड ईयर इंजीनियरिंग का छात्र है। आरोपी को पकडऩे के लिए नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर अजय जैन के नेतृत्व में परि उप पुलिस अधीक्षक डॉ राजनीश कश्यम, टीआई चंद्रभानसिंह चडर, क्राइम ब्रांच प्रभारी संतोष पांडे, थाना प्रभारी सागौर प्रतीक शर्मा, सउनि केके चौहान, एआर अजीत, आर प्रेमप्रकाष मालवीय का सराहनीय कार्य रहा।