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मन करे कि कुछ गलत करना ही ठीक, डॉक्टर को दिखाएं

atul porwal

Publish: Oct 11, 2019 11:12 AM | Updated: Oct 11, 2019 11:12 AM

Dhar

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में लगा शिविर, 17 नए मरीजों की आमद

धार.
अपने मनमाफिक काम नहीं होने, समय पर मदद नहीं मिलने, किसी के द्वारा बार-बार परेशान करने जैसी विकृतियों में डिप्रेशन पैदा होने लगे तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। यही मानसिक बीमारी एक दिन आत्महत्या जैसे अंजाम तक पहुंचा देती है। गुरुवार को जिला अस्पताल के मन कक्ष में लगे मनोरोग शिविर में मौजूद डॉ. अपूर्वा तिवारी ने पत्रिका को चर्चा में बताया कि मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है। शिविर में 17 नए मरीज आए, जबकि पूर्व से उपचाररत मिलाकर अब मानसिक बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या 35 हो गई है। डॉ. तिवारी का कहना है कि कई ऐसी बातें होती है, जिसे हम नजरअंदाज कर जाते हैं, लेकिन हर प्रकार की विकृति में डॉक्टर से सलाह ले लेना चाहिए।

ये है मानसिक बीमारी की पहचान
-नींद ना आना या देर से नींद आना।
-उल्टा सीधा बोलना, गाली गलौज करना।
-चिंता, घबराहट, उलझन आदि रहना।
-किसी काम में मन नहीं लगना।
-जरूरत से ज्यादा गुस्सा आना।
-बेहोशी के दौरे आना।
-आत्महत्या करने का विचार आना।
-बुद्धि का अपेक्षाकृत विकास नहीं होना।
-सरदर्द या भारीपन बना रहना।
-बेवजह शक करते रहना।

दोपहर दो बजे तक शिविर, बाद में प्रशिक्षण
सुबह ९ बजे से दोपहर दो बजे तक मन कक्ष में मानसिक मरीजों से चर्चा कर उनकी बीमारी समझने की कोशिश की गई। डॉ. अपूर्वा तिवारी ने बताया कि मानसिक रूप बीमार मरीजों से उनकी ही भाषा या सरल अंदाज में बात करना होती है, जिससे उनका ठीक से ईलाज किया जा सके। दोपहर दो बजे बाद जिला अस्पताल के डॉक्टरों का प्रशिक्षण शिविर लगा, जिसमें सभी को मानसिक बीमारी पहचानने, उससे ग्रसित मरीज का उपचार करने जैसे तरीकों के बारे में बताया गया।