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9 माह के इंतजार के बाद भी सरकार ने नियमिकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया

sarvagya purohit

Publish: Sep 17, 2019 11:12 AM | Updated: Sep 17, 2019 11:12 AM

Dhar

9 माह के इंतजार के बाद भी सरकार ने नियमिकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया


- ग्राम रोजगार सहायक (पंचायत सहायक सचिव) कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन
धार.
ग्राम रोजगार सहायक (पंचायत सहायक सचिव) कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर वचन निभायो, वादा निभाओ, ग्राम रोजगार सहायकों को नियमित बनाओ के तहत प्रदेश मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पंचायत ग्रामीण विभाग मंत्री कामलेस्वर पटेल के नाम का ज्ञापन कलेक्टर की अनुपस्थिति में कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा। सोमवार को ग्राम रोजगार सहायक (पंचायत सहायक सचिव) कर्मचारी संघ के पदाधिकारी त्रिमूर्ति चौराहे स्थित अभिव्यक्ति स्थल पर एकत्रित हुए। यहां से रैली के रुप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर के नहीं होने पर उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन की प्रतिलिपि सौंपा। ज्ञापन में बताया कि वचन पत्र पेज नंबर 34 बिंदु क्रमांक 7 अनुसार ग्राम रोजगार सहायको को नियमित किया जाए। इसके अलावा आदेश दिनांक 6 जुलाई 2013 के बिंदु क्रमांक 6 के अनुसार निलंबन किया जाए एवं निलंबन अवधि में गुजारे भत्ते की पात्रता हो, पंचायत सचिव और सहायक सचिव के कार्य का स्पष्ट कार्य विभाजन होना चाहिए सहित अन्य मांगे रखी गई। ग्राम रोजगार सहायक (पंचायत सहायक सचिव) कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल यादव (अनारद) ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष रोशन सिंह परमार के आहान पर प्रदेश के 52 जिलों में १६ सितंबर को एक साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया है। वर्तमान सरकार ने 90 दिनों का वचन दिया था पर आज 9 माह के इंतजार के बाद भी सरकार ने नियमिकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस कारण सरकार को वचन याद दिलाने के लिए ग्राम रोजगार सहायको ने रैली निकालकर ज्ञापन दिया। जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंगार, जिला कार्यवाहक अध्यक्ष भुवनसिंह सोलंकी, जिला उपाध्यक्ष बलराम मुकाती, निर्भयसिंह चौहान, विक्रम शिंदे सहित 13 जनपदों के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिले के सहायक सचिव मौजूद थे।
ये भी रखी मांगे
- ग्राम रोजगार सहायक पर झूठे एफआईआर होने से सेवा समाप्त हो जाती है जबकि दोष सिद्ध होने पर सेवा समाप्त होनी चाहिए।
- पंचायत सचिव और सहायक सचिव के कार्य का स्पष्ट कार्य विभाजन होना चाहिए।
- ग्राम रोजगार सहायक;सहायक सचिवद्धकी आकस्मिक दुर्घटना मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता राशि 5 लाख का प्रावधान हो।
- पीएफ का प्रावधान हो पूर्व की भांति उदाहरण दतिया में काटा जाता था।
- वेतन पंचायत सचिव के समक्ष होने से 90 प्रतिशत सहायक सचिव पर भी लागू हो।