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बच्चे की मौत, परिजनों ने डॉक्टर को पीटा

Manish Gite

Publish: Jun 03, 2015 19:58 PM | Updated: Jun 03, 2015 19:58 PM

Dhar

बच्चे की मौत के गुस्साए परिजन ने डॉक्टर को पीटा, क्लीनिक में की तोडफ़ोड़, परिजनों ने प्रभारी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन...।

धार।  14 माह के बच्चे की मौत से गुस्साए  परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते उसे थप्पड़ जड़ दिया और क्लिनिक में तोडफ़ोड़ की। नगर के चौधरी क्लिनिक में डॉक्टर  ने बच्चे का इलाज किया था। इसके बाद डॉक्टर ने बिना डिस्चार्ज कार्ड दिए बच्चे को छुट्टी कर दी थी जिसके परिजन बच्चे को घर ले गए थे, जहां तबीयत बिगडऩे से उसकी मौत हो गई थी।

बड़पिपली निवासी मांगीलाल पिता मनीराम के 14 माह के बच्चे  सुमित की मंगलवार को  मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि शहर के पट्ठा चौपाटी स्थित डॉक्टर उदय कुलकर्णी ने इस बच्चे का इलाज किया था। डॉक्टर के अनुसार बच्चे को एक फोड़ा था, जिसे चीरा लगाकर निकाल दिया था। इसके बाद परिजन बच्चे को ठीक हालात में अपने साथ गांव ले गए थे।

इधर, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने चौधरी नर्सिग होम में बच्चे का इलाज किया था। जहां से बिना डॉक्टर की मौजूदगी में बच्चे को बेहोशी की हालात में हमारे सुपुर्द कर रवाना कर दिया था। न तो बच्चे के एडमिशन पत्र दिया गया और न ही डिस्चार्ज सर्टिफिकेट।

सूत्रों की मानें तो चीरा लगाने के लिए बच्चे को बेहोश किया गया था, जिसमें अधिक मात्रा में एनेस्थिसिया दे दिया गया था जिसके चलते बच्चे की मौत हो गई।  

मंगलवार को  परिजन ने कोतवाली में डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया था। वहीं उन्होंने बुधवार को कलेक्टर के नाम सिटी मजिस्ट्रेट आरएस बालोदिया को भी ज्ञापन सौंपा। इसमें परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही की जांच करने की मांग की है।

क्लीनिक में की तोड़ फोड़
परिजन ने प्रभारी कलेक्टर को ज्ञापन सौैंपने के बाद डॉक्टर के क्लीनिक का रूख किया। बताया जा रहा है कि गुस्साए परिजन ने डॉक्टर से बात करना चाही, लेकिन उन्होंने जब बात करने से इनकार कर दिया तो वहां मौजूद भीड़ ने क्लीनिक पर तोड़-फोड़ शुरू कर दी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि तोड़-फोड़ करने वाले लोग कौन थे।

डॉक्टर हुए एकजुट
विवाद के बाद शहर के अधिकांश डॉक्टर एकजुट होकर कोतवाली थाना पहुंचे। यहां से एमएलसी करवाने के बाद सभी डॉक्टरों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की। बड़ी बात यह नजर आई कि मंगलवार तक चौधरी नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर अरविंद कुमार चौधरी अपने अस्पताल में बच्चे के इलाज की मनाही कर रहे थे। वे बुधवार को डॉक्टरों की यूनियन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए।

मेडिकल काउंसिल करेगी तय
डॉक्टर की लापरवाही के मामले में पुलिस के पास तय करने के अधिकार नहीं है। यह मेडिकल काउंसिल तय करेगी की डॉक्टर की लापरवाही की वजह से बच्चे की जान गई। क्लिनिक में घुसकर तोड़-फोड़ करना कानून अपराध है जिसको लेकर प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
-राजेश हिंगणकर, पुलिस अधीक्षक, धार