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नेक की टीम का आते ही सामना होगा कैंपस में सने कीचड़ से

sarvagya purohit

Publish: Sep 16, 2019 11:11 AM | Updated: Sep 16, 2019 11:11 AM

Dhar


नेक की टीम का आते ही सामना होगा कैंपस में सने कीचड़ से


- टीम के आने के पहले प्रबंधन ने की लीपापोती
पत्रिका इनडेप्थ स्टोरी
सर्वज्ञ पुरोहित
धार.
नेक की टीम के दौरे के बाद कॉलेजों को ग्रेडिंग मिलती है। जीडीसी कॉलेज ने आज तक अपने भवन,कैंपस की सुध नहीं ली थी। टीम के आने की सूचना मिलते ही प्रबंधन ने लीपापोती शुरू कर दी है। कैंपस के हालत यह है कि आते ही टीम को कीचड़ से सामना करना पड़ेगा। जीडीसी कॉलेज प्रभारी प्राचार्य और अतिथियों शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। इन्हीं के दम पर कॉलेज को ग्रेड दिलवाने की जोर अजमाईश कॉलेज प्रशासन कर रहा है। नेक की टीम को देखते हुए कॉलेज में कई तरह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रविवार को शासकीय कन्या महाविद्यालय (जीडीसी) में सभी विभागाध्यक्ष सुबह पहुंचे और यहां पर अपने-अपने विभागों की साज-सज्जा में लग गए। कोई रजिस्टर मेंटन करने लगा तो कोई विभागों के बाहर लगी सूचना पटल को साफ करते हुए नजर आया। कॉलेज प्रशासन अंदर की साज-सज्जा तो कर रहा है, लेकिन बाहर की स्थिति काफी गंभीर है। कॉलेज के गेट पर ही पानी जमा की स्थिति है। इसके साथ ही परिसर में कीचड़ पसरा हुआ है।
कॉलेज में नहीं सीसीटीवी कैमरे
जीडीसी कॉलेज में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए है। कन्या महाविद्यालय होने के साथ यहां पर कैमरे लगवाना अति आवश्यक है, लेकिन कॉलेज प्रशासन की यहां पर लापरवाही साफ दिखाई देती है। इसके साथ ही खेल मैदान भी नहीं है। यहां पर स्थाई स्पोट्र्स अधिकारी भी नहीं है। यहां अतिथि शिक्षक ही खेल गतिविधियों को संचालित कर रहे है। परिसर में पीजी कक्ष के सामने मैदान में कीचड़ हो गया है। यहां पर गतदिनों मुरम बुलाकर ढेर नुमा प्रदर्शन के लिए रख दिया है। सूत्रों के मुताबिक मुरम एक प्रोफेसर ने कीचड़ पर बिछाने के लिए डलवा तो दी, लेकिन प्राचार्य ने भुगतान करने से साफ मना कर दिया। नेक की टीम की नजर जाएगी तो कॉलेज का इंप्रेशन अच्छा नहीं जाएगा। नेक की टीम साफ-सफाई के अलावा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से भी चर्चा करेगा।
ये स्टॉफ की स्थिति
जीडीसी कॉलेज में १५ प्रोफेसर, ६ अतिथि विद्वान और जनभागीदारी समिति से ५ अतिथि विद्वानों की नियुक्ति की गई है। कॉलेज में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में करीब २६ प्रोफेसरों के द्वारा पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा पीजी में अधिकतर गेस्ट फैकल्टी से छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। यहां पर भी कॉलेज प्रशासन स्थाई नियुक्ति के लिए सुध नहीं ले रहे है। टीम के सदस्य हर एक विभाग में जाएंगे और वहां पर टीम विभागाध्यक्ष के साथ ही स्टॉफ की जानकारी भी लेगा। इस दौरान कॉलेज की जरासी चूक के चलते ग्रेड से हाथ धोना पड़ जाएगा।