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22 व्यक्तियों को साक्षर किया ग्राम की एक महिला ने

sarvagya purohit

Publish: Oct 14, 2019 11:11 AM | Updated: Oct 14, 2019 11:11 AM

Dhar

22 व्यक्तियों को साक्षर किया ग्राम की एक महिला ने


- उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिले है कई सम्मान
पत्रिका प्राइड
सर्वज्ञ पुरोहित
धार.
यूं तो धार शहर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां पर खेल, राजनीति, समाजसेवा, शिक्षा, नृत्य, गायन, वादन, मांडने, चित्रकला आदि क्षेत्रों में महिलाएं व युवतियां पुरुषों के बराबर कार्य कर रही है और शहर का नाम अंतरराष्ट्रीयस्तर रोशन कर रही है। ऐसा ही एक नाम है जो समाजसेवा में एक अलख जगा रहा है। हम यहां पर बात कर रहे है राजू पदम मोर्य की। उन्हें विभिन्न कार्य क्षेत्र के लिए दिल्ली में सम्मानित कर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी गई।
राजू मोर्य 31 दिसंबर 1997 से देलमी नंबर 1 आंगनवाडी केंद्र, धार आदिवासी परियोजना, जिला धार में आंगनवाडी कार्यक्रम के रुप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने अभी 6 सेवाओं को कारगर ढंग से कार्यन्वित किया है। इसके अतिरिक्त अनीमिया कम करने के लिए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को आयरन एवं फोलिक एसिड के टेबलेट के वितरण में सक्रिय रुप से पहल की।
उन्होंने बताया कि पढाना आंदोलन के अंतर्गत ग्राम देलमी में 22 व्यक्तियों को साक्षर किया है। इसके अलावा शासन की विभिन्न योजनाओं को लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया है। मैं विशेषकर बच्चों में बढती कुपोषण की शिकायतों को दूर करने तथा परिवार नियोजन एवं गर्भवती महिलाओं को जागरुकता शिक्षित करने के साथ-साथ संस्थागत प्रसव को बढावा देने कि उपलब्धियों को प्रदान किया गया है।
राजू मोर्य को पहली बार धार जिले की सर्वश्रेष्ठ आंगनवाड़ी कार्याकर्ता का राष्ट्रीय पुरस्कार 27 फरवरी 2014 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के कमलों द्वारा प्राप्त किया। अंागनवाडी कार्यकर्ता के रुप में वर्ष 2009-10 के दौरान विभिन्न उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया।कृषि विज्ञान केंद्र धार मप्र के तकनिकी मार्गदर्शन में राजू मोर्य ने नारी शक्ति के रुप में महिलओं को शषक्त बनाया।