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बिजली चोरी के मामलों में ढाई गुना बढ़ोतरी

Rajendra Kumar Jain

Publish: Sep 20, 2019 08:47 AM | Updated: Sep 20, 2019 08:47 AM

Dausa

electricity theft.... गत वर्ष की तुलना में इस बार अधिक मुकदमे दर्ज

दौसा. जयपुर डिस्कॉम के दौसा सर्किल में इस वर्ष बिजली चोरी के मुकदमों की संख्या में गत वर्ष की तुलना में ढाई गुना बढ़ोतरी हुई है। विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना दौसा में वर्ष 2019 में 10 सितम्बर 631 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जबकि गत वर्ष मात्र 273 मुकदमे ही दर्ज हुए थे।
सतर्कता दल के अभियंताओं ने विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में जनवरी में 21, फरवरी में 39, मार्च में 48, अप्रेल में 54, मई में 84, जून में 72, जुलाई में 174, अगस्त में 69 व सितम्बर में अब तक 70 मुकदमे दर्ज कराए।

पिछले वर्ष चार माह तो खाता ही नहीं खोला
वर्ष 2018 में जनवरी व फरवरी में तो अधिक संख्या में मुकदमे दर्ज किए, लेकिन बाद में गति धीमी कर दी गई। जनवरी 2018 में 110, फरवरी में 107 मुकदमें दर्ज किए गए। मार्च 2018 में मात्र 15, अप्रेल में 9, मई में 12, जून में तो एक भी नहीं किया। जुलाई में 4, अगस्त में 14 मुकदमे दर्ज किए। अक्टूबर, नवम्बर व दिसम्बर में तो एक भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
खूब लगी एफआर
विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में जिन उपभोक्ताओं के बिजली चोरी की मुकदमे दर्ज होते हैं यदि वे वहां राशि जमा करा देते हैं तो उनके खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में एफआर दी जाती है, लेकिन जो उपभोक्ता राशि जमा नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होती है। विद्युत निगम में वर्ष 2018 में 478 मामलों एफआर दी थी। इनमें 327 मामले पिछले वर्षों के थे। जबकि निगम ने इस वर्ष 437 मामलों में एफआर दी है।
दो वर्ष में 32 गिरफ्तार : विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में दो वर्ष में 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2018 में निगम ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस वर्ष 6 उपभोक्ताओं को गिरफ्तार किया है।

एक करोड़ कर लिए वसूल
विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में दो वर्षों में 1 करोड़ 12 लाख 31 हजार 96 रुपए की वसूली कर ली। पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि वर्ष 2018 में 56 लाख 36 हजार 233 रुपए की वसूली की।इस वर्ष अब तक 55 लाख 94 हजार 863 रुपए की वसूली की जा चुकी है।

चुनावी वर्ष के कारण किए बंद!
सूत्रों के बताया कि वर्ष 2018 में विद्युत निगम सतर्कता दल एवं अन्य अभियंताओं ने तत्कालीन सरकार के मौखिक आदेश पर बिजली चोरी के मामलों पर अघोषित रोक लगा दी थी। मतदाताओं में नाराजगी ना हो, इसलिए ऐसा किया गया। आंकड़ों से भी प्रतीत होता हैकि चुनाव के समय बिजली चोरी के मामले नहीं पकड़े गए।


बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर सतर्कता दल के अभियंता विद्युत निगम पुलिस थाने में मामला दर्ज कराते हैं। उसके बाद जांच थाना पुलिस करती है। वर्ष 2018 में 2019 के मुकाबले बहुत कम मामले दर्ज हुए।
लालाराम, थाना प्रभारी विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना दौसा