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झोलाछापों की धरपकड़ से हड़कंप, पुलिस कर रही पूछताछ

Mahesh Jain

Publish: Aug 21, 2019 17:54 PM | Updated: Aug 21, 2019 17:54 PM

Dausa

गलत इंजेक्शन से 11 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद भागे झोलाछाप

दौसा. मानपुर. कस्बे में गलत इंजेक्शन लगाने से बुखार से पीडि़त ग्यारह वर्षीय बच्चे की मौत के बाद भागे झोलाछाप की तलाश में पुलिस बुधवार को जुटी रही। पुलिस ने थाना क्षेत्र में कई साल से क्लिनिक खोलकर मरीजों का उपचार कर रहे झोलाछापों की धरपकड़ कर पूछताछ की। सोमवार देर रात मीनापाड़ा निवासी छोटेलाल सैनी ने मानपुर थाने में एक झोलाछाप के खिलाफ बुखार से पीडि़त बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से मौत होने का मामला दर्ज कराया था।

 

इस पर पुलिस ने बच्चे की मौत के बाद भागे झोलाछाप की तलाश शुरू कर आस-पास के गांवों में मरीजों का उपचार करने के लिए क्लिनिक खोलकर बैठे कई झोलाछापों को पकड़ा है। पूछताछ के दौरान इनके पास अस्थाई निवासी होने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन एवं पंचायतों द्वारा जारी हुए राशनकार्ड, आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। जिनकी पुलिस जांच कर रही है। थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि अन्य झोलाछापों से पूछताछ के बाद जल्द ही आरोपी झोलाछाप की गिरफ्तारी संभव है। पश्चिमी बंगाल से यहां आकर अस्थाई रूप से निवास कर रहे इन चिकित्सकों के पास स्थायी निवास के दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

 

 

एक दर्जन से अधिक झोलाछाप सक्रिय
कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में बिना डिग्री एवं अनुभव के एक दर्जन से अधिक झोलाछाप सक्रिय होने से मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के साथ-साथ आर्थिक शोषण भी हो रहा है। इन झोलाछाप चिकित्सकों के पास प्रतिबंधित दवाएं भी आसानी से मिल जाती है। जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

 

लोगों का कहना है कि जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए मरीजों को झोलाछाप हाईडोज इंजेक्शन एवं दवाएं देकर ग्राहक बना लेते हैं, इसके बाद यही लोग अन्य ग्राहकों से जोड़कर मोटी कमाई करते हैं। स्वास्थ्य विभाग जानकर भी अनजान बना हुआ है। अधिकारी नोटिस देकर इतिश्री कर लेते हैं, जबकि एक भी झोलाछाप के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।

झोलाछापों की धरपकड़ से हड़कंप, पुलिस कर रही पूछताछ