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उड़ती धूल से परेशान विद्यार्थियों का फूटा आक्रोश

Rajendra Kumar Jain

Publish: Dec 10, 2019 20:09 PM | Updated: Dec 10, 2019 20:09 PM

Dausa

के्रशरों को बंद कराने की मांग

कुण्डल. भेड़ोली गांव के पहाड़ में संचालित के्रशरों द्वारा उड़ती धूल से परेशान विद्यालय के छात्रों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। छात्रों ने दर्जनों ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन कर के्रशरों को बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय भेड़ोली से पहाड़ पर स्थित क्रेशर कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके चलते यहां क्रेशर से उडऩे वाली धूल व आवाज से छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।

Resentment of students troubled by flying dust.... पूर्व में उच्चाधिकारीयों से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कारवाई नहीं हुई। विद्यालय के समीप ही पहाड़ में क्रेशर संचालित होने से धूल के गुब्बार उड़ते हुए विद्यालय परिसर तक पहुंचते है। छात्र कृष्ण ने बताया कि क्रेशर से उडऩे वाली धूल के चलते वे कक्षा-कक्षों से बाहर नहीं निकल पाते है और ना ही खेल मैदान में जाकर खेल भी नहीं सकते। धूल के कण मिलने से पोषाहार भी किरकिरा हो जाता है। छात्रा कविता ने बताया कि क्रेशर से उड़ती धूल से उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड रहा है। कई छात्र खांसी-जुकाम जैसी बीमारीयों की चपेट में है।
छात्र सुरेश, विजय ने बताया किविभाग के अधिकारीयों को विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए क्रेशर संचालकों को नियमानुसार संचालन करने के लिए पाबंद करना चाहिए।
Resentment of students troubled by flying dust.... गौरतलब है कि सोमवार को क्रेशर संचालक द्वारा एक के बाद एक करके 250 बार ब्लास्ंिटग करने से भेड़ोली गांव थर्रा उठा था, वहीं ब्लास्ंिटग से पत्थर उछलकर आबादी क्षेत्र तक पहुंच गए थे। पत्थर लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया था।
प्रधानाध्यापक मंजू मीना ने बताया कि क्रेशर से उडऩे वाली धूल से विद्यालय स्टॉफ सहित छात्र पेरशान है। इसका उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पडने का खतरा बना हुआ है। इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारीयों को कर दी गई।

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