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अजीबोगरीब कारनामा: जिसकी अंत्येष्टि की, उसे ही डेढ़ माह तक लापता मानकर ढूंढ़ती रही पुलिस!

Gaurav Kumar Khandelwal

Publish: Dec 10, 2019 09:25 AM | Updated: Dec 10, 2019 09:25 AM

Dausa

Peculiar act of Rajasthan police, height of negligence: ग्रामीणों ने थाने पहुंच किया हंगामा,जताई हत्या की आशंका, ऊनबड़ा गांव के सेरा की ढाणी की मामला

बांदीकुई. करीब दो माह पहले युवक का शव बायपास रेलवे ट्रेक के समीप मिला। शिनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने लावारिस मानते हुए अंत्येष्टि कर दी। इसके बाद 21 अक्टूबर को परिजनों ने लापता हुए युवक की गुमशुदगी दर्ज करा दी और करीब डेढ़ माह तक पुलिस लापता को कई जिलों में ढूंढ़ती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद गत 6 दिसम्बर को मृतक की फोटो ग्रामीण व मां को दिखाई तो पता लगा कि 16 अक्टूबर को जिस शव की पुलिस ने अंत्येष्टि की है, वह ओर कोई नहीं उसका लापता हुआ पुत्र प्रेमप्रकाश सैनी है। इस बात का खुलासा होने के साथ ही परिजनों में आक्रोश पैदा हो गया।

Peculiar act of Rajasthan police, height of negligence

इसको लेकर सोमवार को सैकड़ों महिला-पुरुषों ने थाने पहुंच हंगामा कर एएसपी के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। जहां एएसपी अनिलसिंह चौहान ने समझाइश कर 10 दिवस में कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे मृतक प्रेमप्रकाश सैनी के परिजन एवं ग्रामीण थाने पहुंच गए। अपराह्न करीब तीन बजे थाने पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिलसिंह चौहान ने परिजनों को बुलाकर मामले की जानकारी ली। इस दौरान महिलाओं ने भी थाने में पहुंच हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बताया कि जब पुलिस को शव मिला तो शिनाख्तगी के प्रयास करने चाहिए। आधार नम्बर से फिंगर मिलान भी करना चाहिए, लेकिन शव लावारिस मानते हुए अंत्येष्टि कर दी। जबकि परिजन करीब डेढ़ माह तक पुलिस थाने में चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें इस शव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

ग्रामीणों ने बताया कि प्रेमप्रकाश की ट्रेन की चपेट में आने से मौत नहीं हुई है, बल्कि उन्हें हत्या का अंदेशा है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। इस पर एएसपी ने 10 दिवस में कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया। एएसपी ने कहा कि यदि पुलिस की कहीं लापरवाही है तो विभागीय जांच करवा ली जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस ट्रेन से हादसा होना बताया जा रहा ह,ै उसके गार्ड व चालक को भी बुलाकर मामले की जानकारी ली जाएगी। इस मौके पर सुनीता सैनी, रामकिशोर सैनी, धर्मसिंह डोई, महावीर बिरला, रंगलाल पामाड़ी, प्रभूदयाल गुर्जर, शिवलाल कांवर, डॉ.पुष्पेन्द्रसिंह, रामकरण गुर्जर, रूपरेश सैनी, अशोककुमार सैनी, मूलचंद सैनी, गिर्राज सैनी भी मौजूद थे।


क्या है मामला


ग्राम पंचायत ऊनबड़ा गांव के सेरा की ढाणी निवासी प्रेमप्रकाश सैनी गत 13 अक्टूबर को शाम 7 बजे घर से लापता हो गया। इसी दिन रात्रि 11 बजे बायपास रेलवे ट्रेक के समीप युवक का शव मिल गया। जिसे पुलिस ने मोर्चरी में रखवा दिया। शिनाख्त नहीं होने पर 16 अक्टूबर को शव का दाह संस्कार कर दिया। इसके बाद 21 अक्टूबर को मृतक के चाचा अशोककुमार सैनी ने प्रेमप्रकाश की गुमशुदगी दर्ज करा दी, लेकिन पुलिस का ध्यान उस ओर नहीं गया कि 16 अक्टूबर को जिसका शव मिला है कहीं वह लापता हुआ युवक तो नहीं है।

इसके बाद पुलिस ने व्हाट्सएप एवं अन्य जगहों पर युवक के हुलिए के अनुसार प्रचार-प्रसार कर सुराग लगाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने अजमेर, जयपुर, जोधपुर एवं पाली सहित कई जिलों में जाकर युवक को तलाश किया, लेकिन सुराग नहीं लगा। इसके बाद हैड कांस्टेबल लीलाराम सैनी ने गत 6 दिसम्बर को जो शव 13 अक्टूबर को मिला और दाह संस्कार कर दिया। उससे जुड़े फोटोज दिखाए तो पता चला कि यह वहीं युवक है जो कि लापता हुआ है।


मृतक की मां हुई बेहोश, बुलाया चिकित्सक


थाने में हंगामा करते समय मृतक की मां की विलाप करते समय तबीयत बिगड़ गई और बेहोश हो गई। इससे पुलिस में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन-फानन में चिकित्सालय में मामले की सूचना दी। जहां से डॉ. अचल भट्ट मेडिकल टीम के साथ थाने पहुंचे और महिला का उपचार किया। महिलाओं ने भी पुलिस पर लापरवाही बरते जाने का भी आरोप लगाया। ग्रामीण थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। हालांकि पुलिस वृत्ताधिकारी महेशचंद शर्मा व थाना प्रभारी राजेन्द्र कुमार मीणा लोगों को समझाइश करते दिखाई दिए। इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल के आईपीएफ नवीन कुमार राही भी मौजूद थे।

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