स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

विधायक पहुंचे किसानों के बीच, किसानों ने सुनाई आपबीती

Gaurav Kumar Khandelwal

Publish: Aug 18, 2019 07:58 AM | Updated: Aug 18, 2019 07:58 AM

Dausa

MLA reached among farmers: विधायकों ने मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का दिया भरोसा

भांडारेज. दौसा में पनपा किसान आंदोलन करवट लेता नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन व सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। किसानों की भूमि अवाप्ति से पहले डीएलसी दरें घटाई गई। सरकार के उ'चाधिकारियों से वार्ता हुई, लेकिन जमीनी स्तर वहीं ढाक के तीन पात है। ये पीड़ा शनिवार को किसानों ने उनके जख्मों पर मरहम लगाने पहुंचे दौसा विधायक मुरारीलाल मीना व बांदीकुई विधायक जीआर खटाना को सुनाई। किसानों को दोनों विधायकों ने न केवल मांग का समर्थन किया, बल्कि ये भरोसा दिया कि वे किसानों की बात मुख्यमन्त्री तक पहुंचाएंगे।

MLA reached among farmers

 

 

उन्होंने बताया कि दौसा सहित अलवर सवाईमाधोपुर सहित कई जिलों के किसान मुआवजे की निर्धारित दर से नाखुश हैं। वे बाजार भाव मुआवजा चाहते है और सरकारें घटी डीएलसी दरों के ढाई गुना मुआवजा अवार्ड बना रही है। किसानों ने हाइवे के पास महापड़ाव डाला है। किसानों द्वारा अल्टीमेटम देने के बाद फिर मौके पर प्रशासनिक लवाजमा एकत्र हो गया। किसानों के साथ विधायकों ने भी धरना स्थल पर भोजन किया।

 

कीरतपुरा को पंचायत नहीं बनाया तो होगा आन्दोलन



गुढ़लिया-अरनिया. ग्राम कीरतपुरा को पंचायत पुनर्गठन के तहत अलग से पंचायत बनाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी पिंकी मीणा व तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि कीरतपुरा की आबादी 2011 के हिसाब से करीब ढाई हजार है। जबकि नांगवास की आबादी 1271 है और कीरतपुरा से नांगवास की दूरी 10 किलोमीटर है। कंवरपुरा की आबादी 454 है और दूरी 12 किलोमीटर है। ऐसे में नियमानुसार कीरतपुरा को नवसृजित पंचायत का दर्जा दिया जाना चाहिए, लेकिन प्रशासन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते नांगवास को पंचायत बनाना चाहता है।

 

 

उन्होनें बताया कि यदि कीरतपुरा को पंचायत का दर्जा नहीं दिया गया तो आमजन को आन्दोलन पर उतारू होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में नवगठित संघर्ष समिति अध्यक्ष गोपाल बैरवा, उपाध्यक्ष धर्मसिंह, रामेश्वर गुर्जर, कोषाध्यक्ष विश्रामसिंह गुर्जर, बाबूलाल बैरवा, बंशी योगी, कालू बंजारा, खिलाड़ी बंजारा, मूलचंद सैनी, किशोर सैनी व मोहनलाल सैनी शामिल है।

MLA reached among farmers