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प्रदेश में 2.32 प्रतिशत परिवारों को ही मिला 100 दिन का रोजगार

Gaurav Kumar Khandelwal

Publish: Nov 12, 2019 08:43 AM | Updated: Nov 12, 2019 08:43 AM

Dausa

MANREGA: Only 2.32 percent families got 100 days of employment: मनरेगा योजना की हालत खस्ता

दौसा. मनरेगा योजना की हालत दिनों-दिन खस्ता होती जा रही है। रोजगार देने वाली यह योजना अपने लक्ष्य पर खरा नहीं उतर रही है। इस वर्ष चालू जॉबकार्डधारी परिवारों में से मात्र 2.32 प्रतिशत परिवारों को ही सौ दिन का रोजगार मिला है। प्रदेश के 1 करोड़ 5 लाख जॉब कार्डधारी परिवारों में से 68 लाख 98 हजार 566 परिवारों के जॉब कार्ड चालू हैं। यानि ये परिवार मनरेगा में मजदूरी कर सकते हैं। इनमें से मात्र 1 लाख 59 हजार 841 परिवार ही 100 दिन का काम पूरा कर पाए हैं, शेष सभी परिवारों को सौ दिन से कम ही रोजगार मिला है।

MANREGA: Only 2.32 percent families got 100 days of employment

वहीं प्रदेश में मात्र 866 परिवारों को ही 100 दिन से अधिक का रोजगार मिल पाया है। इसमें दौसा जिले का एक भी परिवार शामिल नहीं है। इस साल में 10 महीने बीत चुके हैं। जिन परिवारों ने पूरे सौ दिन का रोजगार भी प्राप्त कर लिया, उनको भी अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए कोई ना कोई दूसरा काम करना ही पड़ा है। चिंता की बात तो यह है कि जिन लोगों को मनरेगा में रोजगार मिला है, उनमें से अधिकांश की समस्या तो यह है कि उनको दिहाड़ी मजदूरी जितनी भी राशि नहीं मिली है।

यह है प्रदेश के जिलों की स्थिति


प्रदेश में 100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवारों में बांसवाड़ा 17 हजार 633 परिवारों के साथ प्रथम है। जबकि भीलवाड़ा 11 हजार 677 के साथ दूसरे स्थान पर है। दौसा 1223, अजमेर में 7440, अलवर 1602, बारां 2511, बाड़मेर 8250, भरतपुर 1684, बीकानेर 5706, बंूदी 6718, चित्तौडगढ़़ 3206, चूरू 3511, धौलपुर 1548, डूंगरपुर 8596, हनुमानगढ़ 2734, जयपुर 1027, जैसलमेर 4313, जालौर 5123, झालावाड़ 8682, झुंझुनूं 1455, जोधपुर 6581, करौली 3111, कोटा 7973, नागौर 5539, पाली 6891, प्रतापगढ़ 4774, राजसमंद 5671, सवाईमाधोपुर 2421, सीकर 2757, सिरौही 2918, श्री गंगानगर 2299, टोंक 1254 व उदयपुर 2 हजार 963 मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिल पाया है।

10 जिलों में ही 100 दिन से अधिक


प्रदेश में यदि 100 दिन से अधिक की बात करें तो 10 जिलों में ही काम मिल पाया है। इसमें प्रतापगढ़ में 279 परिवारों को 100 दिन से ज्यादा रोजगार मिला है। इसी प्रकार बांसवाड़ा में 248, डूंगरपुर में 105, उदयपुर 96, सिरोही में 64, बांरा में 47, पाली 13, राजसंमद में 5, सवाईमाधोपुर में 2 व सीकर में 1 परिवार को सौ दिन से अधिक काम मिला है।

पिछले पांच वर्ष की यह है स्थिति


प्रदेश में पिछले पांच वर्ष की स्थिति पर गौर करें तो यह वर्ष सबसे फिसड्डी रहा है। वर्ष 2015-16 में 4 लाख 68 हजार 700 परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिला है। इसी प्रकार 2016- 17 में 4 लाख 27 हजार 239, 2017- 18 में 2 लाख 28 जार 84, वर्ष 2018-19 में 5 लाख 88 हजार 388 दिन व 2019-20 में 1 लाख 59 हजार 841 परिवारों को रोजगार मिला है।

दौसा में ये हाल


जिले में में 2 लाख 35 हजार 82 लोगों ने जॉबकार्ड बनवा रखे हैं, इनमें से 10 लाख 9 हजार 698 लोगों के जॉब कार्ड चालू हैं। 1 हजार 223 परिवारों को 100 दिन से अधिक का रोजगार मिला है। इसमें दौसा में 149, बांदीकुई में 123, लालसोट 282, लवाण 113, महुवा में 102 व सिकराय में 454 मनरेगा मजदूर परिवारों ने 100 दिन का रोजगार पूरा किया है। जिले में एक भी परिवार ऐसा नहीं है, जिनको 100 दिन से अधिक का रोजगार मिला है।

इनका कहना है...


बारिश के दौरान कार्य में कमी आई थी। अब आगामी दो माह में तेजी से कार्यहोंगे। मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
एलके बालोत, सीईओ, जिला परिषद दौसा

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