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हैड कांस्टेबलों के भरोसे चल रहे बिजली पुलिस थाने

Gaurav Kumar Khandelwal

Publish: Oct 10, 2019 08:51 AM | Updated: Oct 10, 2019 08:51 AM

Dausa

Electricity police station running under the control of head constables: जयपुर डिस्कॉम के 17 में से 14 विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों में प्रभारी का पद रिक्त, पर्याप्त स्टाफ है ना संसाधन

दौसा. विद्युत निगम के जयपुर डिस्कॉम के 13 जिलों के 18 विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों में से 14 पुलिस थानों में हैड कांस्टेबलों को थाना प्रभारी का चार्ज सौंप रखा है। वहीं एक पुलिस थाने का सब इन्सपेक्टर व दो का सहायक उपनिरीक्षकों को चार्ज सौंप रखा है। लेकिन सिविल पुलिसथानों में थाना प्रभारी पद पर लगने के लिए सब इन्सपेक्टर व इन्सपेक्टरों को सत्ताधारी राजनेताओं व पुलिस विभाग के अफसरों के हाजरी देने देने के बाद भी मुश्किल से चार्ज मिला है। इन पुलिसथानों में स्टाफ का भी टोटा है। जयपुर डिस्कॉम के 13 जिलों में 17 पुलिस थाने संचालित है। यही नहीं विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों में पर्याप्त संसाधन भी नहीं है। जबकि मुकदमों का ढेर लगा रहता है। वसूली का जिम्मा अलग है।

Electricity police station running under the control of head constables


यहां है हैड कांस्टेबलों के पास थानों का चार्ज


जयपुर डिस्कॉम के दौसा, टोंक, सवाईमाधोपुर, बूंदी, कोटा शहर व कोटा ग्रामीण, बांरा, करौली, भवानीमण्डी, बहरोड़, झालावाड़, धौलपुर, भरतपुर व डीग पुलिसथानों का चार्ज हैड कांस्टेबलों को सौंप रखा है। जबकि जयपुर शहर व ग्रामीणों में सहायक पुलिस उपनिरीक्षकों के पास चार्ज है। वहीं अलवर पुलिस थाने में पुलिस उपनिरीक्षक थाना प्रभारी है।


पर्याप्त नफरी का भी है अभाव


विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों के लिए सरकार ने जितना स्टाफ स्वीकृत कर रखा है उतना स्टाफ इन पुलिस थानों में लगा नहीं रखा है। इससे पुलिसकर्मियों को कार्रवाई करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार एक पुलिस थाने में सरकार ने एक सब इन्सपेक्टर, दो हैड कांस्टेबल व 6 कांस्टेबलों के पद स्वीकृत कर रखे हैं। लेकिन अधिकांश विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों में स्टाफ की कमी खल रही है। दौसा विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने की बात की जाए तो यहां पर एक हैड कांस्टेबल व 7 सिपाही लगा रखे हैं।

पूरे जिला का काम देखना पड़ता है


डिस्कॉम में कोटा, अलवर व भरतपुर में दो-दो विद्युत चोरी निरोधक के दो- दो पुलिस थाने हैं, जबकि दौसा, टोंक, सवाईमाधोपुर, बूंदी, बारां, करौली, झालावाड़ व भवानी मण्डी में एक-एक पुलिस थाने हैं। यदि बात बिजली चोरी के मुकदमों की जाए तो दौसा में औसतन प्रतिवर्ष 600 से अधिक मामले दर्ज होते हैं। जिन लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज होते हैं उनकी जांच भी उनको करनी पड़ती है और उनसे वसूली भी करनी पड़ती है। जो आरोपी उपभोक्ता जुर्माना राशि जमा नहीं कराता है उसके खिलाफ कार्रवाई भी करनी पड़ती है।

मुकदमों का बोझ अधिक है


विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों में मुकदमों का बोझ अधिक रहता है। संसाधन व स्टाफ की कमी है। डिस्कॉम में 13 पुलिस थानों में हैडकांस्टेबलों को थाना प्रभारी बना रखा है।
लालाराम, विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना दौसा।