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देरी से शुरू की मूंगफली खरीद, अब खरीद केन्द्रों पर किसानों का टोटा

Gaurav Kumar Khandelwal

Publish: Nov 13, 2019 07:59 AM | Updated: Nov 13, 2019 07:59 AM

Dausa

Delayed peanut purchase on support price: समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीद का मामला

दौसा. सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंगफली की खरीद के लिए जिले में खरीद केन्द्र खोल तो दिए, लेकिन लालसोट एवं दौसा केन्द्र के अलावा जिले के अन्य तीन खरीद केन्द्रों पर तो खरीद के नाम का खाता ही नहीं खुला है। सरकार ने 7 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर मूंगफली की खरीद करने की घोषणा की थी। देरी से खरीद शुरू करने के कारण किसानों ने रुचि नहीं दिखाईहै। अधिकतर किसान पहले ही माल बेच चुके हैं।

Delayed peanut purchase on support price


सरकार ने खरीफ की फसलों में मूंगफली को 5090 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए 1 नवम्बर से ई-मित्र केन्द्रों पर किसानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए थे और 7 नवम्बर से खरीद शुरू करने की घोषणा की थी। वहीं जिले में 15 अक्टूबर से ही किसानों ने मूंगफली को बेचना शुरू कर दिया। खासकर दीपावली व रबी की फसलों की बुवाई के लिए पैसों की जरूरत के कारण अधिकांश किसानों ने स्थानीय व्यापारियों या फिर मण्डियों में ही औने-पौने दामों में मूंगफली बेच दी।

हालांकि खरीद केन्द्रों पर सरकार ने भाव अच्छा निर्धारित किया है, लेकिन खरीद प्रक्रिया देरी से शुरू होने एवं कड़े नियम कायदों के कारण किसानों को फायदा नहीं मिल पाया है। यदि अक्टूबर में ही खरीद शुरू हो जाती तो इस योजना से कई किसानों को फायदा मिल सकता था।

जिले में यहां खोले खरीद केन्द्र


दौसा जिले में राजफैड ने क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से पांच स्थानों पर दौसा कृषि उपज मण्डी, लालसोट, मण्डावरी, मण्डावर व बांदीकुई में खरीद केन्द्र खोले हैं। सूत्रों के अनुसार लालसोट व दौसा में तो खरीद शुरू हो गई, लेकिन मण्डावरी, मण्डावर व बांदीकुई में खरीद शुरू नहीं हो पाई। लालसोट में 850 व दौसा में 21 किसानों ने रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कराया है।

लालसोट मण्डी में होती है बम्पर आवक


दौसा जिले में मूंगफली की सबसे बड़ी मण्डी लालसोट है। यहां प्रतिदिन करीब 4 से 5 हजार बोरी मूंगफली की आवक होती है। यहां पर लालसोट, मण्डावरी, गंगापुर, दौसा, लवाण, नांगलराजवतान व रामगढ़ पचवारा इलाके के किसान मूंगफली बेचने जाते हैं।

रबी में भी नहीं मिला था किसानों को फायदा


जिले में रबी की फसलों में भी सरकार ने गेहूं, चना व सरसों की भी समर्थन मूल्य पर खरीद की घोषणा की थी, लेकिन उस समय भी गेहूं के अलावा अन्य फसलों की खरीद ही नहीं हो पाई थी। इसमें भी दौसा की जगह गेहूं का खरीद केन्द्र लवाण में खोल दिया था। इससे दौसा मण्डी में आने वाले किसानों ने भी अपनी फसलों को औने- पौने दामों में ही स्थानीय व्यापारी या फिर मण्डियों में ही बेच दिया था। ऐसे में जिले के किसानों को कोई खास फायदा नहीं हुआ।

किसानों की जुबानी...

Delayed peanut purchase on support price


छारेड़ा निवासी किसान गंगासहाय मीना ने बताया कि समय पर समर्थन मूल्य खरीद शुरू नहीं होने से उन्होंने मूंगफली की फसल को लालसोट ले जा कर बेचा।


थूमड़ी निवासी किसान रामधन मीना ने बताया कि उनके गांव में मूंगफली की बम्पर पैदावार होती है। उनके यहां का नजदीक खरीद केन्द्र दौसा है। समय पर समर्थन मूल्य की खरीद शुरू नहीं होने से उन्होंने स्थानीय व्यापारियों को ही मूंगफली बेची।


किसान सुरेश मीना ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीद में कई झंझट होने एवं देरी से खरीद के कारण मूंगफली की फसल को स्थानीय व्यापारी को सस्ते दामों पर ही बेचनी पड़ी।

इनका कहना है...


जिले में पांच खरीद केन्द्र खोले गए हैं, इनमें से दौसा व लालसोट में तो खरीद शुरू हो गई है, लेकिन अन्य पर शुरू नहीं हो पाई है।
- आरके मीना, उप पंजीयक सहकारी समितियां

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