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नक्सलियों के खिलाफ रणनीति में बदलाव का पुलिस को मिलने लगा फायदा, 4 महीने में 45 से अधिक माओवादियों को किया ढेऱ

Karunakant Chaubey

Publish: Jul 24, 2019 15:21 PM | Updated: Jul 24, 2019 15:25 PM

Dantewada

Naxalite News: बस्तर में नक्सलियों और सरकार के बीच छिडे़ घोषित युद्ध में जीत दर्ज करने कभी नक्सली तो कभी पुलिस अपनी रणनीति में परिर्वतन करती है

शेख तैय्यब ताहिर@जगदलपुर. Naxalite News: बस्तर पुलिस के लिए ऑपरेशन मॉनसून एक विजयी अभियान साबित हो रहा है। 2018 में किए रणनीतिक बदलाव से इस वर्ष तीन माह के ऑपरेशन में करीब 35 नक्सलियों को मार गिराने में जहां सफलता मिली थी। वहीं इस साल एक महीने भी नहीं हुए हैं और अब तक करीब 10 नक्सलियों को पुलिस ने मार गिराया है। यानी की इन दो साल के चार महीनों में 45 से अधिक नक्सलियों को पुलिस ने ढेर कर दिया है। वह भी बिना किसी बड़े नुकसान के।

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एेसे में यह रणनीतिक बदलाव लगातार दूसरे साल भी पुलिस विभाग के लिए बड़ी सफलता लेकर आई है। गौरतलब है कि इस ऑपरेशन के शुरू होने के साथ ही बस्तर आईजी ने साफ कर दिया था कि वे इस साल भी अटैकिंग मोड पर रहेंगे। नक्सलियों के लिब्रिटेड जोन में ऑपरेशन के तहत जवान पहुंचेंगे और उनके निशाने पर टॉप लींडर रहेंगे। साथ ही एेसे इलाके जहां से नक्सलियों की स्थिति कमजोर हो चुकी है उस जगह भी कहीं वे फिर से न पहुंच जाए इसलिए वहां भी ऑपरेशन चलाए जाएंगे।

दोनों ओर से लगातार होतें हैं रणनीतिक बदलाव

गौरतलब है कि नक्सली गर्मी की दिनो में विजिबिलिटी अधिक हो जाने के कारण टीसीओसी (टेक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव केंपेन) चलाते है। पहले यह समय फरवरी 15 के बाद पतझड़ से शुरू होकर जुलाई तक चलता था। लेकिन पिछले दो सालों ने नक्सलियों ने रणनीति में परिवर्तन कर जनवरी के पहले हफ्ते से करके बस्तर पुलिस को चौका दिया था। हालांकि बस्तर में नक्सलियों और सरकार के बीच छिडे़ घोषित युद्ध में जीत दर्ज करने कभी नक्सली तो कभी पुलिस अपनी रणनीति में परिर्वतन करती है।

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इसके पीछे दुश्मन को चौंकाने के साथ उसे रणभूमि में पटखनी देना प्रमुख कारण होता है। लेकिन 2018 में बस्तर पुलिस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने ऑपरेशन मानसून चलाया। इसके तहत वह अटैकिंग मोड पर रहकर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन लांच किया जिसकी खबर नक्सलियों को नहीं थी और इसमें टारगेट में नक्सलियों के लिब्रिटेड जोन और बड़े लीडर को रखा गया। इस बदलाव से लगातार सफलता हासिल हो रही है। सभी ऑपरेशन अग्रेसियव मोड पर नजर आ रहे हैँ।

फिर से पसारने नहीं देंगे नक्सलियों को पैर

ऑपरेशन हमेशा से चलते रहे हैं। इस बार जिन इलाकों में नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई है, वहां नक्सली फिर से पैर न पसार सकें इसलिए ऑपरेशन मॉनसून के तहत ऑपरेशंस में तेजी लाई गई है। वहीं जो सुरक्षा कारणों के चलते जो सडक़ों का विस्तार हुआ है उसका भी ऑपरेशन को फायदा मिल रहा है और सफलता हाथ लग रही है।
-विवेकानंद सिन्हा, आइजी, बस्तर