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जिस वर्दी से थी दुश्मनी, उसी वर्दी को पहन महिला माओवादियों ने किया तिरेंगे को सलाम

Karunakant Chaubey

Publish: Aug 15, 2019 20:30 PM | Updated: Aug 15, 2019 20:30 PM

Dantewada

पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने 'दंतेश्वरी फाइटर नाम से 30 महिला कमांडो की फ़ौज तैयार की है। ये दंतेश्वरी फाइटर्स एंटी नक्सल ऑपरेशन पर भी जाती हैं

दंतेवाड़ा. कभी ये माओवादी महिलाएं वर्दीवालों को जान से मारने के लिए हमला किया करती थीं, अब उसी खाकी वर्दी को पहनकर आजादी के पर्व पर 15 अगस्त को दंतेवाड़ा में मार्चपास्ट किया। दरअसल, आत्मसमर्पण करने वाली 30 महिला माओवादी पुलिस में शामिल होने के बाद विशेष ट्रेनिंग लेकर कमांडो बन गई हैं और उन्होंने पहली बार तिरंगे को सलामी दी ।

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पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने 'दंतेश्वरी फाइटर नाम से 30 महिला कमांडो की फ़ौज तैयार की है। ये दंतेश्वरी फाइटर्स एंटी नक्सल ऑपरेशन पर भी जाती हैं। दंतेश्वरी फाइटर्स का कहना है कि कभी माओवादी संगठन में हम तिरंगा उतारकर काला झंडा फहराते थे। लेकिन जब से मुख्यधारा में शामिल हुए हैं तब से आजादी महसूस हो रही है।

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यह भी महसूस करते हैं कि वहां जान के खतरे के बीच हमेशा अपने परिवार को और अपने भाई-बहन को खो देने का डर बना रहता था। सरकार की आत्मसमर्पण नीति को जाना और उससे प्रभावित होकर समर्पण किया। अब ट्रेनिंग लेकर पुलिस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हम दूसरों से भी अपील करते हैं कि आजादी तो तिरंगे के नीचे है। यहां किसी तरह का भय नहीं, सब भाईचारे के साथ रहते हैं।