स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

शिशु अस्पताल आग: रायपुर से 5 सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची अस्पताल, शासन को सौंपेंगे जांच की रिपोर्ट

Bhupesh Tripathi

Publish: Aug 20, 2019 16:34 PM | Updated: Aug 20, 2019 16:34 PM

Dantewada

हादसा : नवनिर्मित 50 सीटर मातृ व शिशु अस्पताल में आग लगने का मामला

दंतेवाड़ा। नगर के नवनिर्मित 50 सीटर मातृ व शिशु अस्पताल में रविवार को लगी आग की जांच के लिए भारती चन्द्राकार जॉइन्ट डायरेक्टर हेल्थ रायपुर के नेतृत्व में 5 सदस्यीय रायपुर की टीम के साथ फोरेंसिक एक्सपर्ट व विद्युत विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग की टीमें पहुचीं। सभी जांच टीमें और फोरेंसिक एक्सपर्ट टीमें अपने कार्य मे जुट गई हैं। जांच के दौरान फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम को ज्वलनशील पदार्थ के कंटेनर के टुकड़े फर्श में चिपके हुए मिले हैं।

पुलिस कांस्टेबल की बाइक से चोरों ने दिया घटना को अंजाम, मॉर्निंग वॉक पर...

इसका सैम्पल टीम ने कलेक्ट कर लिया है। जांच टीम की प्रभारी भारती चन्द्राकार ने बताया कि जांच टीम अपना कार्य कर रही है। अभी तक आग लगने का मुख्य कारण स्पष्ट नही हो पाया हैं। घटना के हर पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही हैं। विभागीय जिला अधिकारी ने भी फोरेंसिक जांच में अस्पताल में विस्फोटक चीज के तथ्य पाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि आगे जांच में पता चलेगा कि जिस ज्वलनशील पदार्थ के कंटेनर में कौन सी चीज रखी हुई थी।

नाबालिग बेटी का बढ़ता पेट देख घर वालों ने पूछा- ये कैसे हुआ, बोली- फरेबी आशिक ने प्यार में...

स्टॉफ, मरीज व परिजनों के हुए बयान
जांच टीम ने अस्पताल में घटना के वक्त मौजूद सभी स्टाफ व मरीज व उनके परिजनों के बयान लिए। लेकिन स्टाफ व परिजनों के बयान से लगा कि वो वही बयान दे रहे है जो अस्पताल प्रबंधन दिलवाना चाहता है। इस सब घटनाओं को देखकर लग रहा है जैसे अस्पताल प्रबंधन इस घटना की लीपापोती में लगा हुआ है। बयान के लिये पीडब्ल्यूडी, विद्युत विभाग व ठेकेदार सभी को जांच टीम ने बुलाया और सभी के बयान दर्ज किए गए।

नवनिर्मित शिशु अस्पताल में लगी आग, 2 दर्जन मरीज थे भर्ती, डेढ़ घंटे बाद भी नहीं पहुंची दमकल

घटना की जांच
नई दिशा की तरफ कर रही इंगित पूरी घटना के बाद एक नई कहानी बाहर निकलकर आ रही है कि मरीज व उनके कुछ परिजनों ने डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ को अस्पताल के अंदर होने व डीजल जैसी गंध आने की बात मीडिया के सामने कही थी। फोरेंसिक जांच टीम की अभी तक कि जांच इसी बात की तरफ इशारा कर रही हैं। क्योकि अभी तक कि जांच में शॉर्टसर्किट की कोई बात के कोई ठोस प्रमाण नही मिले हैं। क्योकि जांच में वायरिंग में ब्रांडेड वायर लगे होने की बात सामने आ रही हैं। और प्रथम दृष्टया शॉर्टसर्किट की बात के कोई प्रमाण नजर नही आ रहे है। क्योंकि एक्सपर्ट के अनुसार अगर शॉर्टसर्किट से आग लगती तो फायर सिस्टम के कारण विद्युत आपूर्ति बंद हो जाती और फायर अलार्म बजने लग जाता।

Click & Read More Chhattishgarh News.