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अबूझमाड़ में कई जलप्रपात आज भी पर्यटन के लिए है अबूझ, खासकर बस्तर का सबसे ऊंचा व खूबसूरत जलप्रपात हांदावाड़ा

Badal Dewangan

Publish: Jan 09, 2020 13:33 PM | Updated: Jan 09, 2020 13:33 PM

Dantewada

माओवाद की धमक कम हुई तो गुलजार हुआ हांदावाड़ा जलप्रपात, बढऩे लगे सैलानी, इन जगहों को उभारने के लिए पर्यटन बोर्ड को पहल करनी चाहिए

दंतेवाड़ा. नारायणपुर जि़ले की सीमा पर बस्तर के सबसे ऊंचे व खूबसूरत हांदावाड़ा जलप्रपात की खूबसूरती इन दिनों देखते ही बन रही है। बारिश के बाद कुछ ऐसा ही खूबसूरत नजारा है।

नक्सली वारदात थमने के बाद पर्यटन बढ़ा
हालाँकि यह माओवाद प्रभावित इलाका माना जाता रहा है पर अब वारदात थमने के बाद इस इलाक़े की ओर सैलानी कूच करने लगे हैं। नए साल की शुरुआत से ही यहंा सैकड़ों पर्यटकों की आमद हो रही है। हालांकि माओवाद प्रभावित इलाका होने की वजह से यहंा पर्यटन सुविधाओं का अभाव भी है। हाल ही में इससे जुड़े कुछ अफसरों की टीम यहां पहुंची थी। उन्होंने इलाक़े में सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएँ भी तलाशने की कोशिश की। बताया जाता है कि़ इस मौसम में प्रतिदिन यहाँ 100 से अधिक सैलानी पहुँच रहे हैं मूचनार के स्थानीय गाइड इन सैलानियों की मदद कर रहें हैं गाइड बताया कि दिसंबर से अब तक हजारों की सख्या में सैलानी यहाँ आ चुके हैं आए हैं।

ऐसे पहुंचे हांदावाड़ा
दंतेवाड़ा जि़ला मुख्यालय से इस वाटरफ ॉल की दूरी करीब 65 किमी है। यहां तक पहुंचने के लिए पर्यटन नगरी बारसूर के मुचनार इंद्रावती घाट और यहां से नाव के माध्यम से नदी पार कर बाइक से करीब 15 किमी दूर जा सकते हैं। इसके बाद इस वाटरफॉल तक पहुंचने करीब पांच किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। इस बीच तीन बरसाती नाले, जंगल, खेत, कच्ची पगडंडियों को पार करने पड़ते है।

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