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आंदोलन का आज तीसरा दिन, कहा सरकार जितना करेगी लेट, उतना बढ़ेगा हमारा मनोबल

Badal Dewangan

Publish: Jun 09, 2019 12:30 PM | Updated: Jun 09, 2019 12:30 PM

Dantewada

आदिवासियों की सरकार को चेतावनी- संस्कृति और आस्था के साथ खिलवाड़ कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, नंदराज पर नहीं चलने देंगे फावड़ा

जगदलपुर/दंतेवाड़ा . बैलाडीला में दूसरे दिन भी आदिवासी धरने पर बैठे रहे, लेकिन उनका रुख अब सरकार को लेकर सख्त हो चुका है। उन्होंने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की यह कार्रवाई आदिवासियों की संस्कृति और आस्था पर प्रहार है। वे लोग इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि सरकार जबरदस्ती करती है तो फिर वे भी आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जान दे देंगे लेकिन अपने आराध्य देव पर एक फावड़ा भी नहीं चलने देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी भी शनिवार को आंदोलन में शामिल हुए और भूपेश सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
हालांकि उन्होंने भूपेश सरकार के मंत्री कवासी लखमा को आदिवासियों का हितैषी व अपना छोटा भाई भी बताया। इधर, आंदोलन में शामिल होने पहुंचे बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि वे आंदोलन का समर्थन करते हैं। अगर उन्हें अपनी सरकार के खिलाफ जाना पड़ा तो वे जाएंगे।

कवासी आंदोलन का नेतृत्व करें, भूपेश अनुमति ना दें तो इस्तीफा दें: जोगी
जोगी ने राज्य सरकार पर हमला बोलेते हुए कहा कि सरकार बनने से पहले भूपेश कहते थे कि अडानी को एक भी खदान नहीं लेने दूंगा लेकिन सरकार बनने के बाद उसी अडानी को पांच महीने में पांच-पांच खदाने दे दी। जोगी बोले मेरे पांव नहीं चलते फिर भी व्हीलचेर पर 400 किलोमीटर का सफर तय करके बैलाडीला पहुंचा हूं, अब अपनी अंतिम सांस तक बस्तर के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई लड़ता रहूंगा।

जोगी ने कवासी को बताया अपना छोटा भाई
अजीत जोगी की मौजूदा मंत्री कवासी लखमा और समाजसेवी सोनी सोढ़ी से नजदीकियां जगजाहिर हैं। शनिवार को भी उन्होंने क्षेत्रीय मंत्री कवासी लखमा और सोनी सोढ़ी की आदिवासियों के प्रति समर्पण की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनको भी अडानी की लीज रद्द करने के लिए लडऩा चाहिए। भले ही उनको मंत्री पद से इस्तीफा ही क्यों न देना पड़े। पद तो आते-जाते रहते हैं लेकिन बस्तर को बचाना ज़रूरी है। जोगी ने कहा कि ये बात मुझसे कहीं बेहतर कवासी लखमा समझते हैं। लखमा मेरे छोटे भाई हैं और मैं उम्मीद करता हूं कि वो बड़े भाई की बात मानेंगे।