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जोड़े मोबाइल को लेकर पति-पत्नि करते थे शक, फिर हुए एक

Sanket Shrivastava

Publish: Oct 20, 2019 08:18 AM | Updated: Oct 19, 2019 23:08 PM

Damoh

महिला परामर्श केंद्र: काउंसलर की समझाइस के बाद एक हुए 8

दमोह. इस समय संचार क्रांति के युग में सबसे अधिक समस्या मोबाइल को लेकर होने लगी है। मोबाइल जितना सुविधा जनक है। उससे उतनी ही शंकाएं पैदा होने पर परिवार बिखर रहे हैं। महिला परामर्श केंद्र में पहुंचने वाले ८० फीसदी मामलों में मोबाइल पर पति या पत्नी द्वारा की जाने वाली बातें शंकाओं को जन्म दे रही हैं।
शनिवार को आयोजित शिविर में कुछ इसी तरह के प्रकरण देखने मिले। पुराने कंट्रोलरूम में शनिवार को कुल ११ प्रकरणों पर सुनवाई की गई। जिसमें से ८ प्रकरण ऐसे थे जिसमें पति-पत्नी में एक दूसरे से छिपकर की जाने वाली मोबाइल पर बातें, शंकाएं पैदा कर रहीं थींं।
दोनों एक दूसरे पर गलत आरोप लगाने के कारण एक दूसरे से विवाद करने लगे। विवाद यहां तक पहुंचा कि ८ परिवार एक दूसरे से सालों से दूर रहने लगे थे।
मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। जहां पर काउंसलर डॉ. प्रेमलता नीलम ने सभी आठों जोड़ों को एक-एक कर बुलाया और जब दोनों को आगामी भविष्य व बच्चों की चिंता करते हुए तमाम शंकाओं से दूर रहकर साथ रहने की समझाइस दी। तो सभी ८ आठ जोड़े एक-एक कर जीवन भर साथ निभाने का वादा कर खुशी-खुशी विदा हुए।
परमार्श केंद्र में आए ११ समझौतों में से ३ परिवार अनुपस्थित रहने पर उन्हें आगामी तारीख दी गई। इस दौरान महिला परामर्श केंद्र प्रभारी जमिनी दुबे सहित एचआई मधु पटैल, नर्मदा कोरी, पुरुषोत्तम मिश्रा, यशवंत मिश्रा, अली खानकी विशेष मौजूदगी रही।