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अनोखे शिक्षा विद थे वर्णी,वर्णी जयंती पर विविध कार्यक्रम

Samved Jain

Publish: Sep 21, 2019 19:14 PM | Updated: Sep 21, 2019 19:14 PM

Damoh

अनोखे शिक्षा विद थे वर्णी-वर्णी जयंती पर विविध कार्यक्रम

दमोह. वर्णी जैन प्रशांतमति पाठशाला नेमीनगर में बुधवार को शिक्षा शास्त्री गणेश प्रसाद वर्णी महाराज की जन्म जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दादा परमलाल जैन, भागचंद्र जैन भागेंदु व इंदिराजैन ने किया। विद्यार्थियों ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम पसतुत किए। डॉ. भागेंदु ने वर्णी की जीवन यात्रा, उनकी शिक्षा के योगदान पर अपनी बात रखी।

इसके साथ पर्यूषण पर्व पर विविध प्रतियोगिताओं व सांस्कृतिक कार्यक्रम के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद डॉ. सविता जैन, संध्या जैन, करुणा, सीमा, सुलेखा, अर्चना, नेहा जैन ने भी वर्णी के व्यक्तित्व पर अपने उद्बोधन दिए । डॉ. पीएल जैन, मनीष मलैया, जयकुमार, विनोद जैन, आनंद जैन, प्रमोद जैन, इंद्रकुमार जैन, दीपक जैन, डॉ. अनिल जैन, दीपक जैन की विशेष उपस्थिति रही । संचालन डॉ. सविता जैन ने किया आभार आनंद जैन ने माना ।


इसके अलावा दिगम्बर जैन शांतिनाथ भाय जी मंदिर में में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अनिल चौधरी ने कहा कि बुंदेलखंड माटी के सपूत गणेश प्रसाद वर्णी ने मप्र ही नहीं अपितु उप्र के बनारस तक अशिक्षा के अंधेरे से लोगों को ज्ञान का प्रकाश देने कई गुरुकुलों की स्थापना की । ऐसे सच्चे संत जिन्होंने जातियता और साम्प्रदायिकता से ऊपर उठकर भारत ही नहीं विश्व कल्याण के लिये अपना जीवन लगा दिया । अरविंद इटोरिया ने कहा करुणा और उपकार के वे एक स्तंभ थे ।

सुनील वेजीटेरियन ने कहा कि संत वर्णी महात्मा गाँधी, विनोवा भावे के साथ रहे। वरिष्ठ समाजसेवी विमल लहरी ने उनके समता, ममता और सम्यक गुणों का विस्तृत वर्णन कर मनुष्य को अपने जीवन मे उतारने के लिये समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रेरित किया । संचालन विकल्प जैन ने किया । उक्त अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध जन, नारी शक्ति, युवा एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति देकर कार्यक्रम को सफल बनाया । कार्यक्रम के अंत में पारितोषक वितरण किया गया ।