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फिर एक और मासूम मरीज हुई झोलाछाप की शिकार, जिला अस्पताल रेफर

Laxmi Kant Tiwari

Publish: Jan 24, 2020 00:17 AM | Updated: Jan 24, 2020 00:17 AM

Damoh

एक झोलाछाप की अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी

दीपक पटैल हटा. हटा नगर में गलत इलाज करने वाले एक आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज होने के दो सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस बीच गुरुवार रात एक और झोलाछाप के गलत इलाज का मासूम शिकार बन गई। मासूम की हालत बिगडऩे के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हटा नगर में एक और झोलाछाप के गलत इलाज से तीन साल के मासूम की हालत बिगडऩे पर उसे हटा से जिला अस्पातल रेफर किया गया है। बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। मामले में कमलेश यादव ने बताया कि उसके तीन साल के मासूम अंश को एक फुडिय़ा हो गई थी। जिससे बच्चे को काफी दर्द हो रहा था। जिसे उन्होंने हटा में आजाद वार्ड में मस्जिद के समीप डिस्पेंसरी संचालित करने वाले कथित डॉक्टर पप्पू विश्वकर्मा से इलाज कराया था। उन्होंने बच्चे को मंगलवार को इलाज कराने के दौरान बच्चे को इंजेक्शन लगाए थे तथा कुछ दवाएं दी थीं। लेकिन उसके इलाज कराने के बाद हालत बिगडऩे लगी और फिर पूरे शरीर में इंफे क्शन होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीडि़त परिजनों का कहना है कि वह बच्चे के गलत इलाज को लेकर शुक्रवार को आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराने पुलिस को आवेदन सौपेंगे।
मामले में जिला अस्पताल में ड्यूटीरत डॉ. विशाल शुक्ला का कहना है कि बच्चे को दवा रिएक्शन से हालत बिगड़ी है। जिसका इलाज शुरू किया गया है, अधिक चिंता की बात नहीं है।
यहां अभी भी खुल रही आरोपी डॉक्टर की डिस्पेंसरी-

हटा नगर की सरकारी अस्पताल के सामने कथित एजेंसी चलाने वाले आरोपी डॉक्टर की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपी डॉक्टर ने एक युवती का गलत इलाज किया था। जिसको लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। साथ ही बीएमओ की जांच रिपोर्ट में भी कथित डॉक्टर राकेश दाहिया की डिस्पेंसरी में जांच करने के बाद प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। जिसमें धोखाधड़ी करने की बात सामने आई थी। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद करीब एक पखवाड़ा बाद भी आरोपी की डिस्पेंसरी का संचालन चल रहा है। पीडि़त युवती अभी भी पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं हो सकी है। जिसका इलाज जारी है। लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। पूरे मामले को लेकर पत्रिका ने पीडि़त की हालत बिगडऩे के बाद से लगातार खबरों का प्रकाशन किया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस ने जांच करने के बाद पीडि़त की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया, जिससे सच्चाई सामने आ सकी और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हो सका।
इस मामले में पीडि़त युवती शिखा पांडेय का कहना है कि आरोपी डॉक्टर यदि फर्जी पाया गया है तो फिर उसकी डिस्पेंसरी आखिर क्यों खुल रही है और आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। पांडेय का कहना है कि सीएमएचओ व बीएमओ को इस मामले में जानकारी होने के बाद भी आखिरकार डिस्पेंसरी को सील क्यों नहीं किया गया है। जबकि आरोपी डॉक्टर लगातार अन्य मरीजों का इलाज कर रहा है। अगर उस पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो अन्य मरीजों की जान से भी खिलवाड़़ हो सकती है।

लगातार की जा रही है आरोपी की तलाश-
आरोपी की तलाश लगातार की जा रही है। उसकी डिस्पेंसरी में भी कई बार जाकर दिखवाया गया है। लेकिन अन्य कर्मचारी तो मिले हैं लेकिन आरोपी डॉक्टर नहीं मिल पा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास जारी हैं। जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
विजय मिश्रा - थाना प्रभारी हटा
मैं बीएमओ से बात करता हूं-
मुझे अभी आरोपी डॉक्टर द्वारा लगातार डिस्पेंसरी चलाने की सूचना नहीं मिली थी मैं कल ही बीएमाओ हटा से बात करता हूं।
डॉ. आरके बजाज-सीएमएचओ दमोह

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