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पत्रिका की खबर के पहुंची विधायक ने लगाई एसडीओ पीआईयू को फटकार, कहा नहीं होगी लारवाही बर्दाश्त

Laxmi Kant Tiwari

Publish: Oct 20, 2019 13:20 PM | Updated: Oct 20, 2019 13:20 PM

Damoh

निरीक्षण में मिली कई तरह की अव्यवस्थाएं

 

दमोह. जिला अस्पताल में पथरिया विधायक रामबाई ने शनिवार सुबह अचानक निरीक्षण किया। जिन्होंने नाली निर्माण से लेकर वार्डों से लेकर किचिनशेड का निरीक्षण किया। जहां पर अव्यवस्थाओं को देखकर सिविल सर्जन सहित पीआईयू के एसडीओ, किचिनशेड प्रभारी व नर्सेस स्टॉफ को फटकार लगाई। करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक किए गए निरीक्षण के दौरान दौरान उन्होंने हर एक बिंदु पर सिविल सर्जन से बात समस्या का समाधान कराने की बात कही। शनिवार के अंक में पत्रिका ने 'Ó शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया था कि किस तरह से ८९ लाख रुपए की राशि से नालियों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें पुरानी नाली को ही सफाई करके नया रूप दिया जा रहा है। जबकि उन्हें निर्माण नए सिरे से करना था। इस खबर के बाद मौके पर पहुंची विधायक रामबाई ने सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमोरी, निर्माण एजेंसी पीआईयू के एसडीओ पीके अग्रवाल को मौके पर बुलाकर फटकार लगाई और कहा कि निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे ध्यान रखें और सही निर्माण कराएं। निर्माण सही नहीं होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
किचिन में मिली गंदगी, नहीं बंटे महिलाओं को लड्डू व फल-
किचिनशेड का निरीक्षण करने के दौरान वहां पर काफी गंदगी देखने मिली। बाहर से लेकर भीतर तक चारों ओर गंदगी फैली थी। शाम को वितरित किए जाने वाले खाने के लिए रोटियों को सुबह ही बनाकर एक काटून में पहले से रख लिया गया था। मैटरनिटी वार्ड में प्रसूताओं को हर दिन दिए जाने वाले गुड़ के लड्डू व फलों का वितरण एक माह से नहीं बंटा था। जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई।
नर्सों ने लिए रुपए तो लगाई फटकार -
प्रसूताओं ने बताया कि प्रसव के बाद उनसे रुपए लिए गए हैं। एक ऑपरेशन वाले से एक हजार रुपए, सहित नार्मल डिलेवरी वालों में भी किसी से डेढ़ सौ तो किसी से दो सौ रुपए लिए गए। यह सुनकर विधायक ने सिविल सर्जन को मौके पर ही जांच करते हुए आरोपी नर्सों से पहचान कराने व उनसे रुपए वापस दिलाने की बात कही।
जांच के निर्देश देने के बाद दो बजे तक ड्यूटी करने वाली नर्सें ड्यूटी समाप्त होते ही सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। जिनके साथ महिला डॉ. श्रृद्धा गंगेले भी पहुंची। जिन्होंने कहा कि कोई भी नर्स या डॉक्टर रुपए नहीं ले रहा है। यह सब गलत बयानबाजी है। हालांकि सिविल सर्जन की समझाइस के बाद वह वापस चली गईं।
सिविल सर्जन के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं को लेकर दिया बयान -
जिला अस्पताल में किचिनशेड का काम देखने वाले वीरेंद्र असाटी को हटाने के बाद उनका चार्ज **** को दे दिया गया था। जिसके बारे में सिविल सर्जन ने मीडिया के सामने बताया था कि कांग्रेस नेताओं के कहने पर उन्होंने चार्ज बदला है। जिसको लेकर विधायक रामबाई ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की स्थिति ऐसी है कि हमारे कांग्रेस नेता जो कमलनाथ दादाजी हैं वह उन्हें मालूम नहीं है वह न्याय नीति पर चल रहे हैं। लेकिन कुछ कांग्रेस नेता ऐसे हैं कि १५ साल में सरकार आई है तो धरती पर नहीं चल रहे हैं। पागल हुए जा रहे हैं। अधिकारियों को भी परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समझना चाहिए कि अगर ऐसी कोई लारवाही कांग्रेसी नेता कर रहे हैं तो डायरेक्ट कलेक्टर से बात करें, मंत्रियों से करें, मुख्यमंत्री से करें। और अगर उनसे बात नहीं हो पाती है तो मुझसे बात करें।

कलेक्टर से लेक स्वास्थ्य मंत्री तक करेंगी शिकायत-
रामबाई ने बताया कि साफ-सफाई से लेकर डिलेवरी वार्ड सहित सभी जगह अव्यवस्थाएं देखने मिलीं। खाने में मीनू के अनुसार खाना नहीं दिया। फल-लड्डू नहीं दिए। बेड पर बेडशीट नहीं थी। गंदगी चरम से बाहर फैली है। मरीजों ने खुद बताया कि सलाद क्या होती है उन्हें पता ही नहीं, जबकि सलाद नहीं खाने की बात सिविल सर्जन ने कही है। मैंने जो भी अव्यवस्थाएं देखी हैं उनकी शिकायत कलेक्टर से लेकर स्वास्थ्य मंत्री से की जाएगी। यहां पर लंबे समय से लापरवाही चल रही है। जिसकी शिकायत के बाद सुधार किया जाएगा।