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मडिय़ादो बफर की शोभा बढ़ा पक्षियों का राजा गिद्ध

Puspendra Tiwari

Publish: Sep 21, 2019 05:03 AM | Updated: Sep 20, 2019 20:15 PM

Damoh

लुप्त हो रही प्रजाति फिर दिखी बड़ी संख्या में, दुर्लभ प्रजाति का एशियाई गिद्ध का जोड़ा भी दिखा

यूसुफ पठान मडिय़ादो- विलुप्त हो रही गिद्धों की प्रजाति मडिय़ादो के जंगलों में दिखाई देने लगी है। इससे भी अच्छी खबर एक और है कि इन गिद्धों के समूह में लाल सिर वाला विशालकाय गिद्ध का जोड़ा भी देखने मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक इसे एशिया का गिद्धों का राजा माना जाता है। रैंक जाति का यह गिद्ध के पंखों का फैलाव दो से ढाई मीटर तक होता है। और इसकी औसतन लंबाई 76 से 86 सेमी. तक होती है।
जानकारों की माने तो कभी एशिया में बहुतायात में पाए जाने वाले गिद्धों की यह प्रजाति संकट में है। लाल सिर वाले गिद्धों रेड हेडेड वल्चर की संख्या बहुत कम हो गई है। यह कारण है कि इंटरनेशनज यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर यानी आइयूसीएन ने इसे विलुप्तप्राय पक्षी की श्रेणी में रख दिया है। इन पर आए संकट का कारण खेतों में इस्तेमाल किए कीटनाशक व बीमार मवेशियों पर डाइकिलोफेनिक दवाओं का इस्तेमाल करने के बाद हुई मृत मवेशियों के मांस का भक्षण करना माना जा रहा है।
यह गिद्ध अपने पंखों को छह से साढ़े आठ फुट तक फैला सकता है। लगभग छह किलोग्राम से अधिक वजनी यह गिद्ध नर मादा की जोड़ी में साथ रहता है।
सफेद, काले गिद्ध भी दिख रहे यहां
गांव के समीप सुबह शाम बड़ी संख्या में सफेद और काले गिद्धों को जंगली क्षेत्र में देखा जा सकता है। यह मरे हुए मवेशियों को अपना भोजन बनाकर वातावरण को स्वच्छ रखने में हमारी मदद कर रहे हैं। यही वजह है कि इन्हें प्रकृति का सफाई कर्मी भी माना जाता है।
इंसानी चहल कदमी से यह होते हैं परेशान
जंगलों में इंसानों की चहल कदमी इन गिद्धों को भोजन पानी के समय परेशानी का सबब बनती है। इन्हें अपना भोजन करते समय कई बार इंसानों की दखलनदाजी से भोजन छोड़कर ऊंची उड़ान भरने मजबूर होना पड़ता है। हालांकि इनके लिए मडिय़ादो के जंगलों का वातावरण रहवास के लिहाज से अनूकूल दिखाई देता है। यही कारण है कि बीते दो वर्षों से यह कभी न कभी कहीं न कहीं नजर आ रहे हैं।