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पंचायत में लाखों का गड़बड़ी की शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारी

Samved Jain

Publish: Sep 22, 2019 17:53 PM | Updated: Sep 22, 2019 17:53 PM

Damoh

मृतकों के साथ ही तीन-तीन नामों से निकल रही थी सरपंच की शिकायत पर दोषी कर्मचारी ही कर रहे जांच,जिला स्तरीय कमेटी गठित कर उच्चाधिकारियों से जांच की मांग

रनेह. जनपद पंचायत हटा की ग्राम पंचायत रनेह में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शनिवार को जांच की। जिसमें आरोप लगाए गए थे कि मृतक हितग्राहियों के साथ ही एक ही हितग्राही की तीन-तीन नाम से सालों से वृद्धावस्था निकल निकलने की शिकायत सामने आई थी। पंचाय में होने वाली गड़बड़ी को लेकर ग्राम पंचायत रनेह सचिव मनोज तिवारी ने जब पेंशनधारी हितग्राहियों का सत्यापन किया तो सत्यापन के दौरान 33 हितग्राही अपात्र पाए गए थे।

जिसमें हितग्राहियों के नाम से वृद्धा पेंशन स्वीकृत थी, लेकिन पेंशन हितग्राही के खाते में न जाकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में पेंशन की राशि जा रही थी। जिन व्यक्तियों के खाते में वृद्धापेंशन राशि जा रही थी, वह खाते धारक नाबालिग एवं अपात्र हितग्राहियों की श्रेणी में आते थे। वास्तविक हितग्राही को पैसा न मिलकर अपात्र व्यक्तियों के खाते में लम्बे समय से पेंशन पोर्टल पर नाम किसी का दर्ज है और किसी और के खाते में पेशन जा रही थी। पंचायत में सत्यापन के दौरान अपात्र पाए गए हितग्राहियों की जांच के लिए 09 सितंबर 2019 को सरपंच विद्यावती राकेश व्यास, सचिव मनोज तिवारी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह को एक लिखित आवेदन दिया गया था। जिसमें बिन्दुवार 33 अपात्र हितग्राहियों की सूची संलग्न करने के साथ ही यह उल्लेख किया गया कि पात्र हितग्राही कौन था और यह राशि किसके खाते में जा रही थी। आवेदन पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह ने जांच के लिए वीरपाल चौधरी सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत हटा, द्वारका पटैल सहायक परियोजना अधिकारी जनपद पंचायत हटा को नियुक्त किया था।


सामने लिए कथन-
जांच कर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायत भवन रनेह में हितग्राहियों के साथ ही जिनके खाते में पेंशन आ रही है उन्हें जांच हेतु अपने समक्ष बुलाया गया। जिसमें तीन हितग्राही एवं आठ खाताधारकों ने अपने कथन दर्ज कराए। सभी ने अपने कथनों में यह उल्लेख किया कि उनके खाते में पैसा तो आए हैं, कहां से आए कैसे आए इस बात की जानकारी नहीं है। सभी ने एक ही व्यक्ति का नाम लेते हुए बताया कि उसने कहा मेरे पैसे तुम्हारे खाते में आ गए हैं, आप निकाल कर दे दो, और हम लोग उसकी बातों में आकर एक बार नहीं अनेकों बार पैसे निकालकर देते रहे यह हम लोगों को अभी पता चला कि हमारे खाते का गलत उपयोग किया जा रहा है। मृतकों और अपात्र हितग्राहियों की सत्यता क्या है यह जांच के बाद ही सामने आएगा।


ग्रामीणों का कहना था कि जनपद पंचायत हटा के पेंशन प्रकरण सत्यापित कर स्वीकृत करने वाले कर्मचारी भी कहीं न कहीं काला पीला करने में संलग्न रहे होंगे। इस स्थिति में ग्रामवासियों की मांग है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह जिला स्तर से एक कमेटी गठित कर इस मामले की जांच कराएं। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। जांच के दौरान पंचायत सचिव और सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी के बीच कुछ समय के लिए बहश भी हो गई थी। लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद शांत कराया गया।


इनका कहना है
जांच के दौरान मामला सत्य होना प्रतीत हो रहा है। वास्तविक हितग्राहियों को पेंशन न मिलकर अन्य व्यक्तियों के खातों में पेंशन जा रही है। इस संबंध में संबंधित बैंक से खातेधारक का सर्टिफाईड स्टेटमेण्ट निकलवाकर उच्चाधिकारियों को जांच प्रतिवेदन सौंपा जाएगा।
- द्वारका पटैल सहायक परियोजना अधिकारी जनपद पंचायत हटा


सूची में दिए गए नाम अनुसार हितग्राहियों से संपर्क किया गया, तीन हितग्राही के साथ ही आठ वह व्यक्ति जिनके खाते में पैसे जा रहे थे जिनको कोई जानकारी नहीं थी। सभी ने एक ही व्यक्ति का नाम बताया है। संबंधित बैंक से जानकारी हासिल करते हुए, किस हितग्राही को कब पेंशन मिली और कबसे उसकी पेंशन दूसरे खाते में जा रही है। सूक्ष्मता से जांच की जाएगी

- वीरपाल चौधरी सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी जनपद पंचायत हटा