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एड्स मरीजों की संख्या में हो रहा इजाफा, विभाग को नहीं कोई फिक्र

Sanket Shrivastava

Publish: Jul 21, 2019 09:15 AM | Updated: Jul 20, 2019 23:49 PM

Damoh

एचआईवी एड्स : जागरूकता के लिए नहीं आई प्रचार सामग्री, न हुआ कार्यक्रम

हटा. तहसील क्षेत्र में एचआईवी पॉजीटिव मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक 2013 से 2016 तक ब्लॉक स्तर में 15 उन मरीजों को चिन्हित किया गया जो जांच कराने आए थे और उनमें एचआईवी पॉजीटिव पाया गया था। इसके बाद 2016 से 2018 के बीच एचआइवी पीडि़तों की संख्या में इजाफा हुआ है जिससे यह संख्या 28 तक पहुंची है। 2013 से 2019 तक कुल संख्या 41 पहुंच गई है।
इसमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र से मजदूरी करने वाले हैं। जो गांवो को छोड़ बड़े शहरों की ओर पलायन कर चुके थे। मामले की खासबात यह है कि इस गंभीर बीमारी के प्रति स्वास्थ्य विभाग सजग नहीं है। सिविल अस्पताल में एकीकृत परामर्श व जांच केंद्र में पिछले एक साल से कोई प्रचार प्रसार सामग्री नहीं आई है और न ही कोई जनजागरूकता कार्यक्रम
किया गया है।
कैसे होता है संक्रमण
यदि कोई एचआईवी संक्रमित है या व्यक्ति के साथ असुरक्षित संपर्क करने से, एचआईवी संक्रमित इंजेक्शन इस्तेमाल करने से व गर्भावस्था में या प्रसव के दौरान व स्तनपान से संक्रमण से यह बीमारी फैलती है।
क्या है एचआईवी
एडस को चिकित्सा के क्षेत्र मे एक्वायर्ड इम्यूनो डेफीसिएंसी सिंड्रोम कहा जाता है। ये वायरस होता है। जिसे एचआईवी ह्यूमन इम्यूनो डेफीशिएंसी वायरस कहते हैं। इसके शरीर में प्रवेश होने पर ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को खत्म कर देता है। जानकारों के अनुसार यदि कोई इससे संकृमित है तो उसे कुछ हद तक इसके असर से बचाया जा सकता है। सावधानियां व नियमित परहेज व दवा ली जाए तो इसे फैलने से रोका जा सकता है। और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
- 2018 से 2019 तक की जांच के आंकड़े के अनुसार अब तक कुल 13 मरीज पॉजीटिव पाए गए हैं। जिसमें 5 महिला व 7 पुरुष एक बच्चा शामिल है। हमारे यहां 01 दिसम्बर को एडस दिवस मनाया जाता है। प्रचार प्रसार के लिए अभी एक साल से सामाग्री प्राप्त
नहीं हुई है।
उदय दुबे, काउंसलर सिविल अस्पताल

-जो भी मरीज इस बीमारी के पॉजीटिव पाए गए हैं उनका समय समय पर निरंतर इलाज होता रहता है
पीडी करगईया, बीएमओ हटा