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सुअरों से फसल बचाने लाचार दिख रहे किसान

Sanket Shrivastava

Publish: Oct 20, 2019 09:16 AM | Updated: Oct 19, 2019 22:12 PM

Damoh

लेकिन बफरजोन क्षेत्र से लगे गांवों में किसानों को फसल बचाने की चुनौती दे रहे हैं।

मडिय़ादो. इस समय खेतों में ज्वार की फसल लहलहा रही है। लेकिन किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने की ङ्क्षचता सता रही है। वनांचल क्षेत्र के अधिकांश किसानों के द्वारा ज्वार की फसल बोई है। लेकिन बफरजोन क्षेत्र से लगे गांवों में किसानों को फसल बचाने की चुनौती दे रहे हैं।
खूंखार बहुत ही खतरनांक जानवर होता है। हर वर्ष के हमले से दर्जनों किसान घायल हो रहे हैं। इनकी लगातार बढ़ती संख्या किसानों के लिए खेती करना कठिन कार्य साबित हो रहा है। वन परिक्षेत्र मडिय़ादो के सीमा में बसी ग्राम पंचायतें नारायणपुरा, रजपुरा, अमझिर, दामोतिपुरा, चौरईया, बछामा, घोघरा, बर्धा, निवास, पाली, कनकपुरा, मादे, मलवारा व मडिय़ादो में अधिकांश किसान वन्यजीवों के कारण फसलों की रखवाली करने में परेशान होते हैं। सबसे अधिक नुकसान फसलों को नीलगाय, बंदर व जंगली सुअरों के द्वारा पहुंचाया जाता है।
घोघरा निवासी किसान रमसू आदिवासी कनकपुरा निवासी घंसू आदिवासी की माने तो रात्रि में सुअरों के द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाया जाता है। दर्जनों के झु़ंड में ***** आकर ज्वार की फसल चौपट कर रहे हैं। मक्का की फसल को भी सुअरों ने चौपट कर दिया था। अब ज्वार की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हंै।