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अस्पताल में दवाएं नहीं मिलने पर कांग्रेसियों ने सीएस से किया जवाब-तलब

Laxmi Kant Tiwari

Publish: Aug 16, 2019 21:11 PM | Updated: Aug 16, 2019 21:11 PM

Damoh

जिला अस्पताल में सीएस ने कहा स्टोर कीपर से परेशान हूं

दमोह. जिला अस्पताल में मरीजों को दवाएं न मिलने की शिकायतों के बाद कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष वीरेंद्र दवे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नितिन मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि पवन गुप्ता, मुन्ना कुरैशी सहित अनेक कांग्रेसी शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचे। जिन्होंने वार्डों में घूमकर मरीजों से बात की। जिन्हें दवाएं बाजार से लाना पड़ रहीं थीं। उनके पर्चों को एकत्रित कर मरीज के परिजनों के साथ सीएस कार्यालय पहुंचे। जहां पर सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमोरी से सीधी बात की। इस दौरान ब्लड प्रेशर सहित अन्य सामान्य दवाएं भी बाजार से लिखी गईं थीं। जिसको लेकर कांग्रेसियों ने आपत्ति दर्ज कराईं। जिसके बाद सीएस ने बताया कि कुछ दवाएं होने के बाद उसकी जगह दूसरी लिखी गई थीं। कुछ दवाओं के ऑर्डर लगे होने का हवाला दिया। लेकिन कांग्रेसियों का कहना था कि जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं उन्हीं दवाओं को ही पर्चे पर लिखा जाए। जिससे मरीजों को बाहर से लाने मजबूर नहीं होना पड़े।
स्टोर कीपर से हूं परेशान -
मामले में सिविल सर्जन ने कहा कि कुछ दवाएं जिनका ऑर्डर देरी से लगाया जाता है वह ४५ दिन बाद उपलब्ध हो पाती हैं। जबकि स्टॉक समाप्त होने से पहले ऑर्डर लगाना चाहिए। इस मामले में स्टोर कीपर अविनाश तिवारी स्वयं गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनका स्थानांतरण कर दिया गया था। लेकिन वह न्यायालय से स्टे लेकर फिर से आ गए। मैं बहुत परेशान हूं। इसके बाद कांग्रेसी स्टोररूम भी पहुंचे। लेकिन वहां पर अविनाश तिवारी नहीं मिले। मौजूद महिला कर्मचारी ने बताया कि दवाओं की मांग आने पर वह उसे संबंधित सेंटर में भिजवाने का कार्य करती हैं। कई दवाएं देरी से मिलती हैं। इसके लिए वह दोषी नहीं हैं। एंटी रैबीज इंजेक्शन को लेकर सीएस ने बताया कि पूरे देश में एक ही कंपनी होने पर वह हर मरीज को इंजेक्शन उपलब्ध नहीं करा पा रहीं हैं। बहुत ही मुश्किल से एंटी रैबीज इंजेक्शन मिलते हैं पूरे देश में एक की कंपनी सप्लाई कर रही है, इसलिए परेशानी हो रही है। कुल मिलाकर कांग्रेसियों ने दो टूक कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को बाहर से दवाएं लाने के लिए नहीं लिखा जाए।