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शहर की यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ रहे ऑटो रिक्शा

Samved Jain

Publish: Oct 20, 2019 18:39 PM | Updated: Oct 20, 2019 18:39 PM

Damoh

शहर की यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ रहे ऑटो रिक्शा

दमोह. शहर में दिनोंदिन ऑटो रिक्शा की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। बताया गया है कि शहर में तकरीबन तीन हजार से अधिक ऑटो रिक्शा फर्रांटे भरते हैं। लेकिन इनके संचालन में यातायात नियमों की अनदेखी होना आम राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

शहर के किसी भी प्रमुख चौराहे की बात की जाए तो चौराहे से हर पांच मिनट के भीतर सौ से अधिक ऑटो रिक्शा यहां से वहां आते जाते देखे जाएंगे। परेशानी उस वक्त लोगों को अधिक होती है जब वह किसी आवश्यक कार्य के लिए जा रहे होते हैं और ऑटो रिक्शा चालकों की वजह से सड़क पर जाम लग जाता है।ऐसी कुछ मार्गों पर दिन भर बनी रहती है। दूसरी तरफ यातायात नियम तोड़ रहे इन ऑटो रिक्शा चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की बात करें तो इनके विरुद्ध कार्रवाई का स्तर काफी कमजोर है। प्रमुख रुप से घंटाघर से धगट चौराहा, पलंदी चौराहा मार्ग, बस स्टैंड चौराहा के आसपास, स्टेशन चौराहा पर ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा यातायात को बेहद प्रभावित किा जा रहा है।


सड़क पर खड़े करते हैं ऑटो
चालकों द्वारा सवारियों के लिए अपने रिक्शा सड़क पर खड़े किए जा रहे हैं। घंटाघर चौराहा से जिला अस्पताल चौराहा मार्ग पर सड़क किराने ऑटो रिक्शा लंबी कतार बनाकर खड़े रहते हैं। इसी तरह बस स्टैंड चौराहा से गायत्री गेट की ओर सड़क पर रिक्शा खड़े किए जा रहे हैं। मांगज स्कूल के समीप तो ऑटो रिक्शा स्टैंड के रुप में स्थिति बनी हुई है। यहां से रवाना होने वाले अधिकांश ऑटो शहर के आसपास के गांवों के लिए सवारियां ढोते हैं। इस संबंध में ऑटो रिक्शा चालकों का कहना है कि शहर में कहीं ऑटो रिक्शा स्टैंड की नगरपालिका द्वारा व्यवस्था नहीं की गई है इसलिए उन्हें सड़क पर ऑटो खड़े करने पड़ते हैं।


इस कारण परेशान राहगीर और बना खतरा
सड़कों पर ऑटो चालक प्रमुख रुप से यातायात व्यवस्था को प्रभावित बनाए हैं। साथ ही ऑटो रिक्शा संचालन में बरती जा रहीं लापरवाहियां सड़क हादसों में भी बढ़ोत्तरी कर रहीं हैं। प्रमुख रुप से देखा जा रहा है कि चालक सवारियों के लिए अपने रिक्शा कहीं भी खड़े कर रहे हैं। इसके अलावा इनमें अधिकांश रिक्शा पर यातायात का नंबर नहीं है। रिक्शा में क्षमता से डेढ़ गुना से अधिक सवारियों को बैठाते हैं। इसके अलावा शहर में चलने वाले ऑटो रिक्शा का किराया भी निर्धारित नहीं है। साथ ही ऑटो चालक ड्रेस पर नहीं रहते हैं जिसकी वजह से किसी घटना के समय इनकी पहचान नहीं हो पाती है। मामले में यातायात थाना प्रभारी अभिनव साहू का कहना है कि यातायात प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाइयां नियमित की जा रहीं हैं। सड़क पर वाहन खड़े करने पर चालानी कार्रवाई कर रहे हैं।