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पिछले 6 वर्षों में भवन स्वामियों नहीं दिखाई रुचि

Rajesh Shrivastava

Publish: Jul 11, 2019 01:51 AM | Updated: Jul 11, 2019 01:51 AM

Dabra

पिछले करीब 6 वर्षों में इसके लिए भवन स्वामियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। जिसके चलते वॉटर हार्वेस्टिंग के मद में करोड़ों रुपए बिना उपयोग जमा पड़े हुए हैं।

ग्वालियर. शहर में करीब 2013 से भवन निर्माण के साथ ही नगर निगम पानी बचाने के लिए भवन स्वामियों ने वॉटर हार्वेस्टिंग शुल्क जमा कराता आ रहा है। करीब दो हजार से अधिक भवन स्वामियों ने इसके लिए नगर निगम ने तय शुल्क भी जमा करा दिया है। उक्त शुल्क निगम द्वारा भवन स्वामी को वापस करने का भी प्रावधान है। इसके लिए भवन स्वामी को यह बताना होगा कि उसने अपने मकान में वॉटर हार्वेस्टिंग किट लगा ली है। पिछले करीब 6 वर्षों में इसके लिए भवन स्वामियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। जिसके चलते वॉटर हार्वेस्टिंग के मद में करोड़ों रुपए बिना उपयोग जमा पड़े हुए हैं और हर बार निगम की ओर से बरसात के दौरान भीषण जल संकट और कलेक्टर व कोर्ट के दबाव में इंजीनियर निगम मुख्यालय से बाहर निकलते हैं और बरसात शुरू होते ही वापस हो जाते हैं। यह रस्मअदायगी के चलते ही शहर के कई क्षेत्रों में वॉटर लेकल 500 फीट से अधिक नीचे जा चुका है। जब इस मामले में सिटी प्लानर से पत्रिका टीम ने बात की तो वह जमीनी स्तर पर काम करने की बात कहने लगे।
? वॉटर हार्वेस्टिंग में हर बार रस्मअदायगी वाली कार्रवाई क्यों होती रही है।
- पूर्व के अफसरों ने क्या कार्रवाई की इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। लेकिन हमने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। कई भवन निर्माण करने वालों ने वॉटर हार्वेस्टिंग करा भी रखी है। लेकिन उसका सत्यापन नहीं हुआ है। इसका रिकॉर्ड हम दुरुस्त कर रहे हैं।
? कितना टारगेट पूरा होगा इस बरसात से पहले।
- हम शत प्रतिशत टारगेट को पूरा करेंगे। वॉटर हार्वेस्टिंग का काम के लिए ज्यादा राशि लगती है। लेकिन शुल्क कम जमा होता है। इसलिए भी कुछ लोग पैसा वापस के लिए प्रयास नहीं करते और काम भी नहीं कराते। ऐसे लोगों को घर घर जाकर निगम का अमला जागरुक करने के साथ ही चेतावनी भी दे रहा है। जल्द ही इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। जिससे शहर में बरसात के पानी को बचाने के लिए यह बड़ा अभियान साबित होगा।
? शासकीय कार्यालयों में भी वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं।
- यह मामला संज्ञान में है इसके लिए कार्य योजना भी तैयार की जा चुकी है। शीघ्र ही सभी शासकीय कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाएगी।