स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

रणजी ट्रॉफी : रेलवे ने बदल दी अपनी पूरी टीम, शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी नहीं मिली जगह

Mazkoor Alam

Publish: Dec 07, 2019 20:51 PM | Updated: Dec 07, 2019 20:52 PM

Cricket

रणजी ट्रॉफी का सीजन 2019-20 अब शुरू ही होने वाला है। इस बीच की चयन समिति इस टीम ने ऐसा फैसला लिया है, जो हैरान करने वाला है। उसने पिछले साल खेले 14 खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

नई दिल्ली : रेलवे क्रिकेट बोर्ड की चयन समिति ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी पूरी रणजी टीम ही बदल दी है। रणजी ट्रॉफी सीजन 2018-19 में खेले अपने 14 खिलाड़ियों को उसने 2019-20 की टीम में जगह नहीं दी है। इस टीम में पिछले साल अच्छा प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज महेश रावत, ऑलराउंडर आशीष यादव और तेज गेंदबाज अनुरीत सिंह को भी इस टीम में जगह नहीं दी गई है।

दिग्गजों समेत सबको दिखाया बाहर का रास्ता

रेलवे ने इस बार एकदम नई टीम चुनी है। पिछले साल महेश रावत ने रेलवे की ओर से सबसे ज्यादा 478 रन बनए थे तो सिर्फ तीन मैच खेलकर अभिषेक मिश्रा ने 19 विकेट लिए थे। इसके अलावा अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ी आशीष यादव और अनुरीत सिंह भी टीम से बाहर हैं। रेलवे चयन समिति के अनुसार, इन खिलाड़ियों को अनुशासन तोड़ने के कारण टीम से बाहर किया गया है।

खिलाड़ियों ने की थी चयन समिति की शिकायत

मीडिया खबरों के अनुसार, मामला अनुशासन तोड़ने का नहीं, बल्कि कुछ और है। खिलाड़ियों के हवाले से चल रही खबरों में बताया गया है कि रेलवे टीम के 15 खिलाड़ियों ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव से मिलकर चयन समिति के सदस्यों की शिकायत की थी। वे विजय हजारे और सैयद मुश्ताक ट्रॉफी के लिए की गई टीम केक चयन से खुश नहीं थे। वरिष्ठ खिलाड़ियों कहा कि उन्होंने रेलवे गेम्स को-ऑर्डिनेटर संजय कुमार और टीम के चयनकर्ताओं की शिकायत की थी। इस वजह से उन्हें टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने बताया कि तब रेलवे बोर्ड से हुई मीटिंग के बाद बोर्ड सेक्रेटरी सुशांत मिश्रा ने कहा था कि ट्रायल मैच के बाद ही चयन होगा, लेकिन कोई ट्रायल मैच नहीं कराया गया। बिना ट्रायल के ही टीम चुन ली गई।

बिना एनओसी के कुछ खिलाड़ियों को किया गया शामिल

चयन को लेकर संजय कुमार के खिलाफ खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि टीम में ऐस खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है, जो विशाखापत्तनम में हुए ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा भी नहीं थे। शिकायत में पूछा गया है कि तेज गेंदबाज विकास टोकस जो सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिल्ली की ओर से खेले और केशव कुमार जो बिहार से विजय हजारे ट्रॉफी में खेले उन्हें बिना एनओसी के रणजी टीम में कैसे शामिल कर लिया गया है। इस मुद्दे पर रेलवे बोर्ड प्रमोशन बोर्ड सेक्रेटरी प्रेमचंद ने कहा कि बोर्ड इस मुद्दे में कोई दखलअंदाजी नहीं करेगा।

[MORE_ADVERTISE1]