स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

केपीएल मैच फिक्सिंग मामला : जांच पूरी होने तक नहीं होगी क्रिकेट लीग

Mazkoor Alam

Publish: Nov 21, 2019 22:42 PM | Updated: Nov 21, 2019 22:43 PM

Cricket

पुलिस के अनुसार, हनीट्रैप के जरिये क्रिकेटरों के निजी पलों का वीडियो बनाकर उन्हें फंसाया गया है।

बेंगलूरु : कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल) का अगले संस्करण पर रोक लग गई है। अब इसका अगला सीजन तब खेला जाएगा, जब पिछले सीजन में हुए करोड़ों की सट्टेबाजी घोटाले की जांच पुलिस नहीं कर लेती। गुरुवार को इसकी जानकारी कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने दी। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के कोषाध्यक्ष विनय मृत्युंजया ने बताया कि जब तक पुलिस की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक हम निश्चित तौर पर केपीएल के अगले संस्करण के बारे में सोचेंगे भी नहीं। इसकी जानकारी बीसीसीआई को भी दे दी गई है।

पुलिस ने लीग की जानकारी मांगी

इस बीच बेंगलूरु पुलिस ने राज्य क्रिकेट संघ को नोटिस भेज कर लीग के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। विनय ने बताया कि पुलिस ने टीमों, स्कोरकार्ड, खिलाड़ियों का विवरण, फोन नंबर, सभी मैचों के वीडियो फुटेज आदि की मांग की है। कोषाध्यक्ष ने बताया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और राज्य संघ दोनेां को कहीं से भी सट्टेबाजी, हनीट्रैप, बुकी द्वारा विदेश यात्राएं कराना, स्पॉट फिक्सिंग जैसी चीजों का कोई संकेत नहीं मिला था।

युवराज सिंह ने किया भविष्य की योजना का खुलासा, कोच की भूमिका में आ सकते हैं नजर

स्पॉट फिक्सिंग के लिए मिल रही है बड़ी रकम

इस लीग को लेकर यह भी आरोप है कि इस लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों की जितनी फीस नहीं है, उन्हें उससे ज्यादा स्पॉट फिक्सिंग से रकम मिल रही है। इस पर विनय ने कहा कि इस बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि हनीट्रैप करने के संदेह के घेरे में आई चीयरगर्ल्स से भी केएससीए कोई लेना देना नहीं है।

पुलिस से पूछें

उन्होंने कहा कि इस बारे में हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। पुलिस के पास होगी। उन्होंने सफाई दी कि केएससीए ने कभी भी किसी चीयर गर्ल को नहीं रखा हैञ इनकी नियुक्तियां टीमें ही करती हैं।

धोनी नहीं ले रहे हैं क्रिकेट से संन्यास, आईपीएल में खेलेंगे सीएसके की तरफ से

पुलिस ने जानकारी देने से किया मना

केपीएल में सट्टेबाजी की जांच कर रहे सेंट्रल क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त संदीप पाटिल बताया कोई जानकारी देने से मना कर दिया। हनीट्रैप मामले में किसी चीयर गर्ल की पहचान के मामले पर उन्होंने कहा कि इस समय वह कुछ नहीं बता सकते। चीजें साफ होने दें, इसके बाद सब बता दूंगा। जबकि स्थानीय मीडिया की मानें तो बेंगलूरु पुलिस की मानें तो सट्टेबाजों और फिक्सरों ने हनीट्रैप के जरिये क्रिकेटरों के निजी पलों को रिकॉर्ड कर फंसाया है।

[MORE_ADVERTISE1]