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BCCI में दादा के कार्यकाल को बढ़ाए जाने की चल रही है कवायद, संविधान में होगा बदलाव?

Kapil Tiwari

Publish: Nov 26, 2019 09:49 AM | Updated: Nov 26, 2019 09:51 AM

Cricket

सौरव गांगुली ने अपने कार्यकाल के एक महीने में ही भारत में पहला डे-नाइट टेस्ट मैच का सफल आयोजन कर दिया है।

मुंबई। बीसीसीआई के नवनियुक्त अध्यक्ष और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अपने कार्यकाल के पहले ही महीने में भारत में पहले डे-नाइट टेस्ट मैच का सफल आयोजन करा दिया। गांगुली के इस कदम से हर कोई इंप्रेस है। अब इस तरह की खबरें आने लगी हैं कि गांगुली के कार्यकाल को बढ़ा देना चाहिए। बता दें कि फिलाहल दादा का बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष कार्यकाल 9 महीने का है।

दादा के कार्यकाल को बढ़ाए जाने का हो रहा है विचार

- सौरव गांगुली कार्यभार संभालते ही भारतीय क्रिकेट को काफी ऊपर तक ले जाने की मंशा जाहिर कर दी थी। दादा की इसी सोच को लेकर उनके जैसे अनुभवी प्रशासकों का फायदा लंबे समय तक लेने के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड (दो कार्यकाल के बाद विश्राम का समय) के नियम को बदलने पर विचार किया जा रहा है। आपको बता दें कि गांगुली की अगुआई में वर्तमान पदाधिकारियों ने पिछले महीने ही पदभार संभाला था, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) का 33 महीने का कार्यकाल समाप्त हो गया था।

'कूलिंग ऑफ पीरियड' को खत्म करने पर विचार कर रहा है BCCI

- गांगुली के अध्यक्ष बनने के बाद बीसीसीआई की पहली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) एक दिसंबर को होनी है, लेकिन उस मीटिंग से पहले बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरण धूमल ने कहा है कि आगामी एजीएम में पदाधिकारियों के 70 साल की उम्र सीमा को बदलने के बारे में विचार नहीं किया जाएगा, लेकिन कूलिंग ऑफ पीरियड के नियम को बदलने पर विचार किया जाएगा, क्योंकि इससे अधिकारियों के अनुभव का सही फायदा होगा।

क्या कहता है 'कूलिंग ऑफ पीरियड'

- एजीएम के लिए जारी कार्यसूची में बोर्ड ने मौजूदा संविधान में महत्वपूर्ण बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आधारित सुधारों पर असर पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित नए कानून के मुताबिक बीसीसीआई या राज्य संघों में तीन साल के कार्यकाल को दो बार पूरा करने वाले पदाधिकारी को तीन साल तक 'कूलिंग ऑफ पीरियड' में रहना होगा। बीसीसीआई के नए पदाधिकारी चाहते हैं कि 'कूलिंग ऑफ पीरियड' का नियम उन पर लागू हो, जिन्होंने बोर्ड या राज्य संघ में तीन-तीन साल के दो कार्यकाल पूरे किए हैं, यानी बोर्ड और राज्य संघ के कार्यकाल को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

- बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरण धूमल ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा है कि हम उम्र की सीमा में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं, लेकिन कूलिंग ऑफ पीरियड को लेकर हमारा मानना यह है कि अगर किसी ने राज्य संघ में काम का अनुभव हासिल किया है तो उस अनुभव का फायदा खेल के हित में होना चाहिए। अगर वह बीसीसीआई के लिए योगदान कर सकता है तो उसे ऐसा करना चाहिए।

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