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सरकार के कौनसे आदेश ने सुबह कर दिया परेशान

Nilesh Kumar Kathed

Publish: Aug 23, 2019 23:33 PM | Updated: Aug 23, 2019 23:33 PM

Chittorgarh


पहुंच गए स्कूल, पता ही नहीं चला जन्माष्टमी की छुट्टी
समय पर सूचना के अभाव में खुले रहे निजी विद्यालय


चित्तौैडग़ढ़. जन्माष्टमी पर्व के आयोजन चित्तौडग़ढ़ जिले के कृष्णधाम सांवलियाजी सहित अधिकतर स्थानों पर शनिवार को होंगे लेकिन राज्य सरकार द्वारा शुक्रवार का सार्वजनिक अवकाश घोषित कर देने से दिनभर भ्रम की स्थिति रही। सर्वाधिक भ्रमित शिक्षक, विद्यार्थी व उनके अभिभावक रहे। सबसे अधिक परेशानी इस बात को लेकर रही कि जन्माष्टमी उत्सव शनिवार को मनाया जाएगा लेकिन अब इस दिन शिक्षकों व विद्याथर््ाियों को स्कूल जाना होगा। सरकार के आदेश के बावजूद कई निजी विद्यालयों में सामान्य दिनों की तरह कार्य हुआ तो कई सरकारी विद्यालयों में भी समय पर सूचना के अभाव में बच्चे व शिक्षक पहुंच गए। राज्य सरकार ने जन्माष्टमी अवकाश की तिथि में बदलाव की घोषणा गुरूवार रात में की थी जिसको सुबह स्कूल जाने वाले शिक्षकों व विद्यार्थियों को पता ही नहीं चल पाया। निजी विद्यालयों की बसे व अन्य बाल वाहिनयां बच्चों को लेने के लिए सुबह तय समय पर घर पहुंच गई। सरकारी विद्यालयों में भी अधिकतर के सुबह तालेे खुल गए एवं बच्चें भी पहुंच गए। बाद में पता चला कि सरकार ने अवकाश में बदलाव कर दिया है तो सरकारी स्कूल बंद हो गए लेकिन निजी विद्यालयों में कोई बदलाव नहीं किया गया। अधिकतर स्कूलों ने पहले से तय जन्माष्टमी पर्व मनाया।

शिक्षक वर्ग में रही नाराजगी
जन्माष्टमी अवकाश में अचानक बदलाव के पीछे मंत्रालयिक कर्मचारी वर्ग का दबाव होने की चर्चा है लेकिन इस फैसले ने शिक्षक वर्ग को नाराज कर दिया। शिक्षक इस बात से खफा दिखे कि जिस दिन जन्माष्टमी उत्सव मनाना है उस दिन स्कूल जाना होगा। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जन्माष्टमी पर शिविरा पंचाग के अवकाश २४ अगस्त को ही यथावत रखे जाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वर्ग विशेष के तुष्टीकरण के लिए शिक्षा विभाग के अधिकृत शिविरा कलेण्डर के अवकाश को भी दरकिनार कर दिया गया।

अवकाश के बावजूद नहीं बदला चुनाव कार्यक्रम
राज्य सरकार ने गुरूवार रात जन्माष्टमी का अवकाश बदला लेकिन सरकारी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया के चलते शुक्रवार को सामान्य दिनों की तरह कार्य हुआ। कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के लिए पहले से तय नामांकन पत्रों की जांच एवं नाम वापसी का कार्य हुआ।