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सहकारिता मंत्री आंजना नेे किया जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण

Nilesh Kumar Kathed

Publish: Jan 26, 2020 21:47 PM | Updated: Jan 26, 2020 21:47 PM

Chittorgarh


-मार्च पास्ट निरीक्षण कर परेड की सलामी, प्रतिभाओं का सम्मान

- परेड में पुलिस के साथ होमगार्र्ड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड आदि शामिल


चित्तौडग़ढ़. भारतीय संविधान लागू होने की ७०वीं वर्षगांठ का जश्न गणतंत्र दिवस पर रविवार को उत्साह से मनाया गया। इस मौके पर देशभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रम हुए। जिला स्तरीय समारोह इंदिरा गांधी स्टेडियम में हुआ। यहां सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने ध्वजारोहण किया एवंं मार्चपास्ट का निरीक्षण कर परेड की सलामी ली। परेड में पुलिस के साथ होमगार्र्ड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड आदि शामिल थे। आंजना ने समारोह में देश की आजादी के लिए शहीदेां के बलिदान को याद करते हुए उनको नमन किया। आंजना ने कहा कि आजादी सुरक्षित रखने के लिए हमे संविधान की रक्षा करनी होगी। हमारे जो अधिकार एवं कर्तव्य है उसे नहीं भूलना चाहिए। राज्यपाल कलराज मिश्र के संदेश का वाचन अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कलाल ने किया। समारोह में आंजना एवं जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली ७३ प्रतिभाओं का सम्मान किया। समारोह में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली झांकियों का प्रदर्शन भी किया गया। समारोह में विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या, जिला प्रमुख लीला जाट, पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल, पूर्व विधायक सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत, नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा, प्रधान प्रवीणसिंह राठौड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मांगीलाल धाकड़ सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल थे।

सांस्कृतिक प्रस्तुति से पहले ही सामने आ गई झांकियां
कार्यक्रम में मेवाड़ विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रस्तुति होने से पहले ही सरकारी विभागों की झांकियां मंच के सामने आने का दौर शुरू हो गया। इससे कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति होने का भ्रम चलते लोग रवाना होना शुरू हो गए। अब तक गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में झांकिया ही अंतिम प्रस्तुति होती आई है।

कम हो गई सांस्कृतिक प्रस्तुति व पीटी
इस बार गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुति के नाम पर औपचारिकता ही अधिक लगी। सामान्यतया चार-पांच स्कूलों व संस्थाओं की प्रस्तुति होती है लेकिन इस बार कुल दो प्रस्तुति हुई। इसी तरह प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की व्यायाम प्रस्तुति भी अलग- अलग नहीं हुई। सैनिक स्कूल के बच्चों की व्यायाम प्रस्तुति नहीं होना भी चर्चा में रहा।

जनभागीदारी का दिखा अभाव
राष्ट्रीय पर्व होने के बावजूद गणतंत्र दिवस समारोह में जनभागीदारी का अभाव दिखा। कार्यक्रम में मंच पर लगी कुर्सियां खाली थी तो आमजन के नाम पर भी वो ही लोग दिखे जो सरकारी कर्मचारी थे या जिनके परिजन/मित्र सम्मानित होने आए थे।

संचालन में दिखा तारतम्यता का अभाव
समारोह संचालन में तारतम्यता का अभाव दिखा। प्रतिभा सम्मान के समय चयनित ७३ प्रतिभाओं का सम्मान होने से पहले मध्य में ही दूसरे कार्यक्रमों में विजेताओं को पुरस्कृत किया जाने लगा। संचालक नाम किसी ओर का पुकार रहे थे और सम्मान मंच पर कोई और दिख रहा था।

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