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डिब्बे से निकलती गई गोटी, आरक्षित होते गए वार्ड

Nilesh Kumar Kathed

Publish: Sep 19, 2019 00:33 AM | Updated: Sep 19, 2019 00:33 AM

Chittorgarh


लॉटरी निकाल तय हो गया वार्ड का आरक्षण
शुरूआत चित्तौडग़ढ़ से अंत रावतभाटा से


चित्तौडग़ढ. निर्वाचन विभाग ने बुधवार को चित्तौडग़ढ़ नगर परिषद, निम्बाहेड़ा व रावतभाटा नगरपालिका के आगामी चुनाव में वार्ड आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली। सुबह ११ बजे से करीब दो घंटे चली लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही ये तय हो गया कि कौनसा वार्ड किस वर्ग के लिए आारक्षित रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी शिवांगी स्वर्णकार ने इन तीनों निकायों के वार्ड आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली। कलक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निकाली गई आरक्षण लॉटरी में सबसे पहले चित्तौडग़ढ़ के ६० वार्डो की लॉटरी निकाली गई। इसके बाद निम्बाहेड़ा नगरपालिका के ४५ एवं सबसे अंत में रावतभाटा नगरपालिका के ४० वार्डो के लिए लॉटरी निकाली गई। सम्बन्धित निकाय की लॉटरी के दौरान सबसे पहले अनुसूचित जाति उसके बाद अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व सबसे अंत में सामान्य श्रेणी के वार्डो की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी से प्रत्येक श्रेणी के आरक्षित वार्ड तय करने के बाद उनामें से उस श्रेणी के महिला वार्डो की लॉटरी निकाली गई।लॉटरी प्रक्रिया उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार कलाल ने संपादित कराई। इसमें जिला कलक्टर ने अपने हाथों लॉटरी निकाली। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानमल खटीकए उपखण्ड अधिकारी विनोद कुमार, पंकज शर्मा, रामसुख गुर्जर, नगर परिषद के आयुक्त नारायणलाल मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद थे। निकाय प्रमुखों के लिए आरक्षण लॉटरी राज्य स्तर पर ही जयपुर में निकाली जाएगी।

आरक्षण लॉटरी से उभरी विसंगतियां
आरक्षण लॉटरी के बाद कुछ विसंगतियां उभरकर सामने आने की भी चर्चा रही। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वार्ड जहां उनकी जनंसख्या के आधार पर तय किए गए थे। वहीं सामान्य श्रेणी के वार्डो में से ही अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित तय किए गए थे। ऐसे में अन्य पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में चित्तौडग़ढ़ में मीरानगर, शास्त्रीनगर जैसे क्षेत्र के वार्ड हो गए जहां उस वर्र्ग की आबादी अपेक्षाकृत कम है तो कुछ क्षेत्र जो ओबीसी बाहुल्य माने जाते है वे सामान्य श्रेणी में रह गए।

क्षेत्र की लॉटरी निकलने के साथ कम होते गए प्रतिनिधि
लॉटरी प्रक्रिया शुरू होने के दौरान सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भीड़ थी। चित्तौडग़ढ़ नगर परिषद के वार्डो की लॉटरी प्रक्रिया पूरी होते ही चित्तौडग़ढ़ शहर से जुड़े कांग्रेस व भाजपा के कई प्रतिनिधि उठकर चले गए। इसके बाद निम्बाहेड़ा की लॉटरी भी पूरी हो जाने पर अंत में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा केवल रावतभाटा क्षेत्र की लॉटरी से जुड़े प्रतिनिधि एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष मांगीलाल धाकड़ ही वहां दिखे।

अब सक्रिय हो जाएंगे पार्षद पद के दावेदार
पार्षद की लॉटरी निकलने के बाद आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है। किस क्षेत्र में किस वर्ग का प्रतिनिधि चुनाव लड़ सकता ये भी स्पष्ट है। ऐसे में अब माना जा रहा है कि करीब दो माह बाद होने वाले निकाय चुनाव को लेकर हलचल बढ़ जाएगी। पार्षद चुनाव लडऩे के इच्छुक राजनीतिक कार्यकर्ता सम्बन्धित वार्ड क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा सकते है।

सभापति व पालिकाध्यक्ष की लॉटरी का इंतजार
वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ताओं को अब इंतजार सभापति व पालिकाध्यक्ष पद के लिए निकाली जाने वाली लॉटरी का है। इस लॉटरी के बाद ही ये तय होगा कि चित्तौैडग़ढ़ में सभापति एवं निम्बाहेड़ा व रावतभाटा में किस वर्ग का व्यक्ति इस पद के लिए चुनाव लड़ पाएगा। इस बार इन पदों के लिए सीधे मतदाताओं के माध्यम से चुनाव होने से भी राजनीतिक क्षेत्र में इनकी अहमियत बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में निकाय प्रमुख के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
रावतभाटा में एसटी महिला वार्ड नहीं
रावतभाटा नगरपालिका वार्डो की लॉटरी के दौरान अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला प्रत्याशी के लिए कोई वार्ड आरक्षित नहीं था। इस वर्ग के लिए मात्र एक वार्ड ही था। हालांकि इस वार्ड पर एसटी महिला भी चुनाव लड़ सकेंगी।